कुड़मी जनजाति के प्रतिनिधि मंडल अपनी मांगों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे: शीतल ओहदार

रांची: पुराना विधानसभा विधायक आवास क्लब धुर्वा में रविवार को टोटेमिक कुड़मी/कुरमी विकास मोर्चा के केंद्रीय एवं जिला कमेटी का एक दिवसीय बैठक केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार की अध्यक्षता मे हुई। बैठक को संबोधित करते हुए मोर्चा के अध्यक्ष ओहदार ने कहा कि कुड़मी समाज लंबे अरसे से अपने संवैधानिक अधिकार के लिए केंद्र सरकार से लड़ रही है लगातार धरना, प्रदर्शन,रैली सहित रेल रोको आंदोलन,संसद भवन घेराव किया जा रहा है। किंतु अभी तक हमारी मांगों पर सरकार गंभीर नहीं है। टोटेमिक कुड़मी/ कुरमी (महतो) समाज के प्रतिनिधि केंद्र सरकार के गृह मंत्री से मिलने का समय लिए हैं, प्रतिनिधि मंडल गृह मंत्री से मिलकर अपना चिरकालीन मांग कुड़मी जनजाति को अनुसूचित जनजाति में सूचीबद्ध करने एवं कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग रखेंगे। श्री ओहदार ने झारखंड सरकार से मांग करते हुए कहा कि कुड़मी बाईसी प्रथा को सम्मिलित कर पेसा कानून शक्ति से लागू करे। समाज के बुद्धिजीवी, युवाओं और माता बहनों से आह्वान करते हुए कहा कि बाईसी प्रथा कुड़मीयों की रुढ़ी धरोहर है जिसे सुरक्षा और संरक्षण की अति आवश्यकता है यदि इस प्रथा का संरक्षण नहीं होगा तो हमारी पहचान मिट जाएगी। बैठक में रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, चतरा, धनबाद, गिरीडीह, जामताड़ा, पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां आदि जिला से केंद्रीय एवं जिला कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक को मोर्चा के महासचिव राजेंद्र महतो, कार्यकारी अध्यक्ष रचिया महतो, सखीचंद महतो, थानेश्वर महतो, कपिल देव महतो, संजय लाल महतो, श्रीमती सोमा महतो आदि ने संबोधित किया। वक्ताओं ने सामाजिक कुरीतियों जैसे दहेज प्रथा नशाखोरी को जड़ से उखाड़ने का पुरजोर बल दिया, एक स्वर में कहा कि ऐसे कुरीतियों को संरक्षण देने वाले समाज से बहिष्कृत किए जाएंगे। समाज के होनहार बच्चे जो उच्च शिक्षा एवं खेल में आगे बढ़ रहे हैं उन्हें समाज के तरफ से प्रोत्साहित करने का सामूहिक निर्णय लिया गया। बैठक में उपस्थित बुद्धिजीवी और युवाओं की ओर से प्रस्ताव आया कि समाज को जो राजनीतिक संगठन और नेता संवैधानिक अधिकार दिलाने में प्रतिबद्ध होगा उसे समाज का समर्पुण समर्थन रहेगा। आगामी कुड़मी अधिकार महारैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए और संगठन को और मजबूत बनाने के लिए गांव-गांव में सक्रिय पांच पुरुष एवं पांच महिलाओं को केंद्रीय नेतृत्व से सीधी संपर्क में रखी जाएगी। इस बैठक में मुख्य रूप से दानिसिंह महतो, सखीचंद महतो, शशि रंजन महतो, ललित मोहन महतो, सोना लाल महतो, राजकुमार महतो, अशोक महतो, रामचंद्र महतो, अमर कुमार महतो, प्रदीप महतो, रूपलाल महतो, श्रीपति महतो, बुद्धदेव महतो, दिनेश महतो ,मंगलदेव महतो, फुल्को महतो, किरण महतो, सावित्री महतो, बेबी महतो, उर्मिला महतो, अलका महतो, गीता महतो, जितेंद्र महतो, कृटि भूषण महतो, काशीनाथ महतो ,वासुदेव महतो, चेतनारायण महतो, सुखदेव महतो, रोशन पटेल सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

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