झारखंड कुशवाहा महासभा ने सात सूत्री मांगों को लेकर राजभवन के समक्ष धरना दिया,राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

रांची: झारखंड में पिछड़ों को 27आरक्षण,विस्थापन आयोग बनाने,केंद्र बैंक बनाने सहित सात सूत्री मांगों को लेकर झारखंड कुशवाहा महासभा ने राजभवन के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। साथ ही राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। मुख्य संरक्षक भुनेश्वर प्रसाद मेहता की अगुवाई में यह कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाकिम प्रसाद महतो और मंच संचालन संजय तान व अजीत मांझी ने किया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि कुशवाहा जाति को अपना अधिकार बचाने के लिए जन आंदोलन करना होगा। वहीं चतरा से अशोक कुमार वर्मा ने कहा कि कुशवाहा जाति खेती किसानी के कार्यों से जुड़ा हुआ है। हम कुशवाहा के जाति धरती को चीर कर अनाज उपजाते हैं। झारखंड में कुशवाहा जाति का आरक्षण कम कर दिया गया है। पहले 27 प्रतिशत था जो घटा कर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। राज्य सरकार को पिछड़ा आरक्षण को 27 प्रतिशत करना होगा। इसके लिए हमलोगों को आंदोलन करना होगा। धरना को संबोधित करते हुए मेहता ने कहा कि ओबीसी को 27% आरक्षण देने की मांग वर्षों से लंबित है. उन्होंने घोषणा की कि शीघ्र ही रांची के मोरहाबादी मैदान में लाखों ओबीसी का महा जुटान होगा. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह आंदोलन सिर्फ कुशवाहा समाज का नहीं, सभी पिछड़ी जातियों का है.

मेहता ने आरोप लगाया कि झारखंड राज्य बनने के बाद पिछड़ा वर्ग सबसे अधिक उपेक्षित रहा. अलग राज्य बनने से पहले जहां 27 फीसदी आरक्षण था, वहीं घटाकर 14 फीसदी कर दिया गया, जो पूरी तरह अन्याय है. उन्होंने कहा कि ओबीसी अब यह भेदभाव सहन नहीं करेगा और मोरहाबादी से उठी आवाज दिल्ली तक पहुंचेगी। वहीं गांडेय के पूर्व विधायक जय प्रकाश वर्मा ने कहा कि जब दूसरी जाति समाज केलांग सरकार को डराते हैं और अपने अधिकार लेते हैं। लेकिन कुशवाहा समाज के लोग सरकार को डरा नहीं पाते हैं। सरकार आती है बातें कहती है,चुनाव ने बड़ी बड़ी बातें करती है,चुनाव जीतने के बाद भूल जाती है। कुशवाहा समाज को आरक्षण के लिए आंदोलन करना होगा। धरना में पूर्व विधायक लोकनाथ महतो, जयप्रकाश वर्मा, संगठन सचिव बटेश्वर प्रसाद मेहता, लीलावती मेहता, मुनिया देवी, डॉ. आरसी मेहता, सत्यदेव प्रसाद वर्मा सहित हजारों लोग मौजूद रहे ।

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