क्या महाराष्ट्र के बाद बिहार में भी राजनीति खेला होने वाला है….
पटना:24 के रण से पहले एनडीए ने विपक्षी एकता को जोर का झटका दिया है। शिवसेना की तरह ही एनसीपी का हाल हो गया है। भतीजे अजीत पावर ने चाचा शरद पवार को झटका देते हुए शिंदे मंत्रीमंडल में उप मुख्यमंत्री बन गए। अजीत पवार अपने साथ कई विधायकों को भी शिंदे मंत्रीमंडल में ले गए हैं। अब एनसीपी में शरद पवार रह गए।
वहीं महाराष्ट्र के बाद अब बिहार में भी भाजपा सेंधमारी करने की जुगत में हैं। यहां पर जेडीयू,राजद और कांग्रेस के विधायकों को तोड़कर अपने पाले में करने में जुट गई है। यदि ऐसा हो गया तो इससे विपक्षी एकता को जोर का झटका धीरे से लगेगा। इससे 24 के रण को भाजपा आसानी से फतह कर जायेगी।
वहीं राजनीतिक जानकारों की मानें तो राजनीति में कुछ भी संभव है। कुर्सी के लिए बाप अपने बेटे की हत्या करने से नहीं चूकते हैं। विपक्षी एकत बैठक 15 से अधिक राजनीतिक पार्टी है,सभी की राय अलग अलग होगी। बहुत से नेता राहुल गांधी को पीएम नहीं चाहते होंगे। ऐसे में विपक्षी एकता 24 से पहले दरक जायेगा। वैसे बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है की बिहार में कई जेडीयू के विधायक बगावत करने के लिए तैयार हैं। जेडीयू के कई विधायक और नेता को राहुल गांधी पीएम कैंडिडेट के रूप में मंजूर नहीं है। इसलिए जल्द ही बिहार में भी खेला होने वाला है।



