22 जनवरी रविवार का राशिफल एवम पंचांग
मेष राशि :* आपकी राशि के ग्यारहवें भाव में शुक्र का गोचर रहेगा। आर्थिक रूप से यह समय अच्छा रहेगा। आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। संतान सुख रहेगा।
वृषभ राशि :* आपकी राशि के दसवें भाव में शुक्र का गोचर कार्यक्षेत्र में लाभ दिलाएगा। नौकरीपेशा हैं तो तरक्की होगी। व्यापारी है तो मुनाफा होगा। सेहत को लेकर सावधान रहना होगा। वाहन या कोई लग्जरी सामान खरीदने की संभावना रहेगी। पारिवारिक सुख बना रहेगा।
मिथुन राशि :* आपकी राशि के नवें भाव शुक्र का गोचर शुभ है। आपको हर क्षेत्र में भाग्य का साथ मिलेगा। तीर्थ यात्रा या लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बनेंगे। पिता और गुरु के आशीर्वाद से सफलता प्राप्त करेंगे।
कर्क राशि :* आपकी राशि के अष्टम भाव में शुक्र का गोचर ठीक नहीं माना जा रहा है। आपको मिलेजुले परिणाम प्राप्त होंगे। आपको खुद की और जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखना होगा। हालांकि आर्थिक रूप से समय सही रहेगा।
सिंह राशि :* आपकी राशि के सातवें भाव में शुक्र का गोचर दांपत्य जीवन में सुख लेकर आएगा। नौकरीपेशा हैं तो सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। साझेदारी के व्यापार में मुनाफा होगा। आपका व्यक्तित्व भी आकर्षक बनेगा।
कन्या राशि :* आपकी राशि के छठे भाव में शुक्र का गोचर मिलेजुले परिणाम देगा। सेहत की दृष्टि से यह गोचर सही नहीं है। खुद का चेकअप करवाएं। लंबी यात्रा के योग भी बन रहे हैं। हालांकि निवेश से लाभ हो सकता है।
तुला राशि :* आपकी राशि के पांचवें भाव में शुक्र का गोचर संतान सुख देगा। रिश्तों में सुधार होगा। पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। सामाजिक दायरा बढ़ेगा। नए लोगों से संबंध बनेंगे। नौकरी या व्यापार में आर्थिक लाभ होगा।
वृश्चिक राशि :* आपकी राशि के चौथे भाव में शुक्र का गोचर हो रहा है। यह सुख सुविधाओं में विस्तार करेगा। वाहन या घर खरीदने के योग बनेंगे। सेहत को लेकर परेशानी खड़ी हो सकती है।
धनु राशि :* आपकी राशि के तीसरे भाव में शुक्र का गोचर हो रहा है। भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। आपके शौक पर आपका पैसा ज्यादा खर्च होगा। लंबी दूरी की यात्रा के योग हैं। धार्मिक कार्यो में भी रुचि बढ़ेगी।
मकर राशि :* आपकी राशि के दूसरे भाव में शुक्र का गोचर शुभ है। बचत करने में आप सफल होंगे। नौकरीपेशा हैं तो पदोन्नति होने की संभावना है। आपकी वाणी से लोग प्रभावित होंगे। रिश्तों में भी मधुरता आएगी।
कुम्भ राशि : आपकी राशि के लग्न यानी प्रथम भाव में शुक्र का गोचर हो रहा है। दांपत्य जीवन में सुधार होगा। साझेदारी के व्यापार में लाभ होगा। आप सजाने-संवारने पर ज्यादा ध्यान देंगे। व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा।
मीन राशि : आपकी राशि के बारहवें भाव में शुक्र का गोचर शुभ नहीं माना जा सकता। आर्थिक नुकसान हो सकता है। सेहत का ध्यान रखना होगा। आपको नौकरी या व्यापार में चुनौति का सामना करना पड़ सकता है। फिजूलखर्ची से बचकर रहें।
🌞ll ~ वैदिक पंचांग ~ ll🌞
🌤️ दिनांक – 22 जनवरी 2023
🌤️ दिन – रविवार
🌤️ विक्रम संवत – 2079
🌤️ शक संवत -1944
🌤️ अयन – उत्तरायण
🌤️ ऋतु – शिशिर ॠतु
🌤️ मास – माघ
🌤️ पक्ष – शुक्ल
🌤️ तिथि – प्रतिपदा रात्रि 10:27 तक तत्पश्चात द्वितीया
🌤️ नक्षत्र – श्रवण 23 जनवरी रात्रि 03:21 तक तत्पश्चात धनिष्ठा
🌤️योग – वज्र सुबह 10:06 तक तत्पश्चात सिद्धि
🌤️ राहुकाल – शाम 04:59 से शाम 06:22 तक
🌞 सूर्योदय- 06:19
🌦️ सूर्यास्त – 05:28
👉 दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
🚩 *व्रत पर्व विवरण-
*🔥विशेष – प्रतिपदा को कूष्माण्ड(कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
🌷 गुप्त नवरात्रि 🌷
👉 माघ मास, शुक्ल पक्ष की प्रथम नौ तिथियाँ गुप्त नवरात्रियाँ है जिसकी शुरुआत 22 जनवरी से होने जा रही है l
🙏 एक वर्ष में कुल चार नवरात्रियाँ आती हैं , जिनमे से सामान्यतः दो नवरात्रियो के बारे में आपको पता है ,पर शेष दो गुप्त नवरात्रियाँ हैं l
🌷 शत्रु को मित्र बनाने के लिए 🌷
🙏 नवरात्रि में शुभ संकल्पों को पोषित करने, रक्षित करने, मनोवांछित सिद्धियाँ प्राप्त करने के लिए और शत्रुओं को मित्र बनाने वाले मंत्र की सिद्धि का योग होता है।
🙏 नवरात्रि में स्नानादि से निवृत्त हो तिलक लगाके एवं दीपक जलाकर यदि कोई बीज मंत्र ‘हूं’ (Hum) अथवा ‘अं रां अं’ (Am Raam Am) मंत्र की इक्कीस माला जप करे एवं ‘श्री गुरुगीता’ का पाठ करे तो शत्रु भी उसके मित्र बन जायेंगे l
👩 माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग 1
👵 जिन माताओं बहनों को दुःख और कष्ट ज्यादा सताते हैं, वे नवरात्रि के प्रथम दिन (देवी-स्थापना के दिन) दिया जलायें और कुम-कुम से अशोक वृक्ष की पूजा करें ,पूजा करते समय निम्न मंत्र बोलें :
🌷 “अशोक शोक शमनो भव सर्वत्र नः कुले “
🙏 ” ASHOK SHOK SHAMNO BHAV SARVATRA NAH KULE “
🙏 भविष्योत्तर पुराण के अनुसार नवरात्रि के प्रथम दिन इस तरह पूजा करने से माताओ बहनों के कष्टों का जल्दी निवारण होता है l
👩 माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु प्रयोग 2
🙏 माघ मास शुक्ल पक्ष तृतीया के दिन में सिर्फ बिना नमक मिर्च का भोजन करें l (जैसे दूध, रोटी या खीर खा सकते हैं l)
🌷 • ” ॐ ह्रीं गौरये नमः “ 🌷
🙏 “Om Hreem Goryaye Namah”
🙏 मंत्र का जप करते हुए उत्तर दिशा की ओर मुख करके स्वयं को कुमकुम का तिलक करें l
🐄 गाय को चन्दन का तिलक करके गुड़ ओर रोटी खिलाएं l
💶 श्रेष्ठ अर्थ (धन) की प्राप्ति हेतु 💶
💥 प्रयोग : नवरात्रि में देवी के एक विशेष मंत्र का जप करने से श्रेष्ठ अर्थ कि प्राप्ति होती है
🙏 मंत्र ध्यान से पढ़ें 🙏
🌷 “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमल-वासिन्ये स्वाह् “
🌷 ” OM SHREEM HREEM KLEEM AIM KAMALVAASINYE SWAHA “
💥-गुप्त नवरात्रि में करे यह उपाय शादी मे आ रहे विघ्न होंगे दूर और होगी जल्दी शादी⤵️
👦 विद्यार्थियों के लिए 👦
🙏 प्रथम नवरात्रि के दिन विद्यार्थी अपनी पुस्तकों को ईशान कोण में रख कर पूजन करें और नवरात्रि के तीसरे तीन दिन विद्यार्थी सारस्वत्य मंत्र का जप करें।
🙏 इससे उन्हें विद्या प्राप्ति में अपार सफलता मिलती है l
🙏 बुद्धि व ज्ञान का विकास करना हो तो सूर्यदेवता का भ्रूमध्य में ध्यान करें । जिनको गुरुमंत्र मिला है वे गुरुमंत्र का, गुरुदेव का, सूर्यनारायण का ध्यान करें।
🙏 अतः इस सरल मंत्र की एक-दो माला नवरात्रि में अवश्य करें और लाभ लें l
🙏 –(श्री वेद-व्यास जी , देवी भागवत)
🌷 व्यतिपात योग 🌷
➡️ 23 जनवरी सोमवार को प्रातः 05:42 से रात्रि 01:28 (24 जनवरी 01:28 AM) तक (यानी 23 जनवरी पूरा दिन व्यतिपात योग है।
🙏🏻 व्यतिपात योग की ऐसी महिमा है कि उस समय जप पाठ प्राणायम, माला से जप या मानसिक जप करने से भगवान की और विशेष कर भगवान सूर्यनारायण की प्रसन्नता प्राप्त होती है जप करने वालों को, व्यतिपात योग में जो कुछ भी किया जाता है उसका १ लाख गुना फल मिलता है।

