जब्त शराब का अविलंब विनष्टीकरण करें,जब्त वाहनों के अधिहरण का प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराएँ, डीएम ने अफसरों को दिया सख्त निर्देश

पटना।राजधानी पटना समेत पूरे जिले में जब्त शराब को अविलंब नष्ट करें!वहीं जब्त वाहनों के अधिग्रहण का प्रस्ताव तत्काल दें!उक्त बातें पटना डीएम डॉ चन्द्रशेखर सिंह ने कही।वे
सोमवार को वरीय पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार के साथ समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में मद्य-निषेध व उत्पाद से संबंधित मामलों की समीक्षा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को संयुक्त रूप से लंबित मामलों की थानावार समीक्षा कर त्वरित गति से निष्पादित कराने का निर्देश दिया।गौरतलब हो कि
सोमवार को समीक्षात्मक बैठक में जिलाधिकारी व वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा मद्यनिषेध व उत्पाद मामलों में प्रगति की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा की गयी। शराबबंदी अभियान के तहत वाहनों की नीलामी, राज्यसात, अभियोग/जप्त शराब की विवरणी व विनष्टीकरण से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन की समीक्षा की। जिलाधिकारी व वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मद्य-निषेध अभियान का सफल क्रियान्वयन प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सभी पदाधिकारी इसके लिए सजग, तत्पर एवं प्रतिबद्ध रहें। लंबित मामलों को उच्च प्राथमिकता के आधार पर अभियान चलाकर निष्पादित करें। अधिकारियों को नियमित छापामारी, गिरफ्तारी एवं जप्ती करने का निर्देश दिया गया।
डीएम ने कहा कि शराब विनष्टीकरण का प्रस्ताव जैसे ही प्राप्त होता है! 48 घंटा के अंदर जिला से आदेश पारित हो जाता है। आज की स्थिति में 13 मार्च तक के प्राप्त सभी प्रस्तावों पर उनके स्तर से आदेश पारित हो गया है। डीएम डॉ. सिंह ने पारित आदेश के विरूद्ध शराबों के भौतिक विनष्टीकरण कार्य को तत्परता से निष्पादित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विनष्टीकरण में विलंब किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। देशी शराब का विनष्टीकरण 10 दिनों के अंदर व विदेशी शराब का विनष्टीकरण 15 दिनों के अंदर हो जाना चाहिए। जिन थानों में 1,000 लीटर से ज्यादा शराब विनष्टीकरण हेतु लंबित है।उसे स्पेशल ड्रायव चलाकर निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।डीएम व वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी स्थिति में एक महीना के औसत जब्ती से अधिक मात्रा में शराब विनष्टीकरण के लिए लंबित नहीं रहना चाहिए। अन्यथा दोषी थानाध्यक्षों व अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी।डीएम ने कहा कि सभी अनुमंडल पदाधिकारी व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शराब विनष्टीकरण के लिए थानावार सप्ताह में 2 दिन दण्डाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों को तैनात रखें। अधिकारियों को नियमित तौर पर छापामारी, गिरफ्तारी व जप्ती करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जब्त किए गए वाहनों के अधिहरण का प्रस्ताव अधिकतम 30 दिनों के अंदर जिला को उपलब्ध कराएँ। सभी अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नियमित अनुश्रवण करते हुए आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करें।
सहायक आयुक्त (मद्यनिषेध) द्वारा प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इसके अनुसार 1,46,823 लीटर शराब विनष्टीकरण हेतु लंबित है। जिलाधिकारी ने इतनी अधिक मात्रा में शराब विनष्टीकरण हेतु लंबित रहने पर खेद व्यक्त किया। अधिकारियों को थानों में विनष्टीकरण हेतु लंबित शराब की मात्रा का भौतिक सत्यापन करते हुए इसका अभियान चलाकर अविलंब विधिवत विनष्टीकरण करने का निदेश दिया गया। कुल 8,829 जब्त वाहनों में 8,363 वाहनों के अधिहरण का प्रस्ताव प्राप्त हुआ था जिसमें 6,579 वाहनों को राज्यसात तथा 4,131 वाहनों को नीलाम किया गया है। वाहनों की नीलामी से 12 करोड़ 50 लाख रुपया से अधिक की राशि प्राप्त हुई। समीक्षा में पाया गया कि जब्त किए गए लगभग 607 वाहनों का मूल्यांकन कार्य लंबित है। जिलाधिकारी द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी को 24 घंटा के अंदर मोटरयान निरीक्षकों का थानावार रोस्टर निकालते हुए मूल्यांकन कराने का निदेश दिया गया। उन्होंने निदेश दिया कि मोटरयान निरीक्षक के थानों में भ्रमण की सूचना थाना प्रभारियों को पहले से दें ताकि मूल्यांकन कार्य में कोई समस्या न आए। आज की बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा 607 वाहनों में से 69 गाड़ियों का मूल्यांकन प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। इस पर समिति द्वारा आगे की कार्रवाई करते हुए राज्यसात एवं नीलामी की विधिवत प्रक्रिया पूरी की जाएगी। डीएम डॉ. सिंह ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर अधिहरण वादों को समय-सीमा के अंदर निष्पादित करने का निर्देश दिया।
डीएम डॉ सिंह ने कहा कि शराब की जब्ती व विनष्टीकरण में गैप तथा जब्त वाहनों की संख्या एवं अधिहरण हेतु प्रस्ताव में अंतर स्वीकार्य नहीं है। निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सभी पदाधिकारियों को तेजी से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हर सप्ताह उनके स्तर से इसकी समीक्षा की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मद्यनिषेध अधिनियम के क्रियान्वयन में पटना जिला द्वारा अच्छा काम किया जाता रहा है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को अधिहरण वादों का निष्पादन, शराब विनष्टीकरण तथा कन्विक्शन दर में तेजी लाने के लिए तत्परता से कार्य करने का निर्देश दिया।

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