रांची में डायबिटीज़ मंथन पर दो दिवसीय कार्यशाला एक नई दिशा प्रदान करेगा: डॉ. विनय ढांढनिया

रांची: डायबिटीज़ रोग से बचने के लिए रांची में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 22-23मार्च को होगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। यह कार्यशाला दंगरटोली स्थित स्वर्णभूमि बैंक्वेट हॉल में होगा। शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी विस्तृत जानकारी दी गई। पत्रकारों को संबोधित करते हुए डॉक्टर विनय ढांढनिया
ने कहा कि आरएसएसडी रिसर्च सोसाइटी फॉर स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया एक 52 वर्षीय पुरानी संस्था है। जिसके पूरे भारत में लगभग 12, हज़ार सदस्य हैं। यह संस्था डायबिटीज पर रिसर्च से संबंधित साइंटिफिक गाइडलाइंस अनवरत मेडिकल एजुकेशन और पब्लिक अवेयरनेस की सबसे बड़ी और प्रमाणित संस्था है। झारखंड चैप्टर ‌द्वारा 22 एवं 23 मार्च को वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में 500 डॉक्टर भाग लेंगे।अधिवेशन में पूरे हिन्दुस्तान से चालीस वरिष्ठ चिकित्सक अपना शोध प्रस्तुत करेंगे।
इस अधिवेशन से झारखंड के चिकित्सकों को नवीनतम जानकारी देने में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं डॉक्टर अजय छाबड़ा ने कहा कि डायबिटीज़ पिछले पंद्रह सालों में व्यापक रूप से फैल रहा है। विदेशों में यह बीमारी 45 साल से ऊपर के लोगों में पाया जाता है पर भारत में यह बीमारी कम उम्र में हो रही है। अब बच्चों में भी डायबिटीज का खतरा बढ़ता जा रहा है ।शहरी एवं ग्रामीण इलाकों में भी यह बीमारी तेज़ी से फैल रहा है। RSS DI इस बीमारी से बाहर शोध कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किस तरह से लोगों को इस बीमारी से सचेत किया जाए एवं।
ज़्यादा से ज्यादा बचाओ किया जाए। इस कॉन्फ्रेन्स में डायबिटीज़ के उपचार सही भोजन एवं तालमेल के बारे में विशेष जानकारी दी जाएगी। इस कार्यशाला में भारत के अन्य हिस्सों से आने वाली वाले प्रमुख डॉक्टरों में डॉक्टर संजय कालरा, डॉक्टर ए एच। जरगरी,दीपक जुमानी सहित कई डॉक्टर आयेंगे।
उन्होंने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस डायबिटीज़ पर मंथन द्वारा एक नई दिशा प्रदान करेगा और मील का पत्थर साबित होगा।

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