दिल्ली में छात्रों के लिए प्रदर्शन और झारखंड में चुप्पी, कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर : आदित्य साहू
रांची: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कहा कि झारखंड में पिछले छह वर्षों से झामुमो-कांग्रेस की सरकार ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। एक के बाद एक प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोप लगे, लेकिन सरकार ने कभी गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। आज मजबूर होकर हजारों छात्र राजधानी रांची में धरना एवं अनशन कर रहे हैं। छात्रों की सिर्फ एक ही मांग है कि 2019 के बाद हुई सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच हो परंतु झारखंड सरकार उनकी मांगों को लगातार अनसुना कर हठधर्मिता का परिचय दे रही है। श्री साहू ने संसद भवन परिसर नई दिल्ली में झारखंड के छात्र-युवा आंदोलन के समर्थन में मीडिया के साथियों से संवाद करते हुए उक्त बातें कही।
श्री साहू ने कहा कि दुख की बात यह है कि अपनी जायज मांगों के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को भी सरकार प्रताड़ित कर रही है। उन्हें पंडाल लगाने की अनुमति नहीं दी जा रही, रात में बिजली काट दी जाती है और लगातार बारिश में छात्र-छात्राएं प्लास्टिक के नीचे बैठकर अपना आंदोलन जारी रखने को मजबूर हैं। सरकार के पास उनकी पीड़ा सुनने का समय नहीं है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्रों के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस आज झारखंड मामले में पूरी तरह चुप है। जब केंद्र सरकार का मामला होता है तो राहुल गांधी और कांग्रेस के नेता सड़क पर उतर जाते हैं, लेकिन झारखंड में उनकी अपनी समर्थित सरकार युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है तो उनके मुंह पर ताला लग गया है। यह कांग्रेस का असली और दोहरा चेहरा है।
आदित्य साहू ने कहा कि अगर राहुल गांधी और कांग्रेस वास्तव में छात्रों के हितैषी हैं, तो उन्हें झारखंड आकर आंदोलन कर रहे छात्रों से मिलना चाहिए और खुले मंच से CBI जांच की मांग करनी चाहिए। अगर कांग्रेस यह भी नहीं कर सकती, तो उसे नैतिकता के आधार पर झामुमो सरकार से तुरंत समर्थन वापस ले लेना चाहिए। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी को झारखंड के छात्र खोज रहे हैं। राहुल गांधी को प्रयागराज जाने से पहले बिरसा मुंडा की धरती झारखंड आकर यहां के छात्रों की आवाज उठानी चाहिए।

