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प्रदीप विद्रोही,भागलपुर। इश्क की आड़ में कानून से बचने की कोशिश कर रहा दो करोड़ की ठगी का मास्टरमाइंड आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। राजस्थान के कोटा में 8500 से ज्यादा लोगों को रोजगार का झांसा देकर करोड़ों रुपये ठगने वाला शातिर दीपक सिंह उर्फ सानू को पुलिस ने भागलपुर के एक होटल से दबोच लिया। गिरफ्तारी के वक्त वह अपनी प्रेमिका के साथ होटल के कमरे में छिपा हुआ था।

कोटा से आई पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से को कचहरी रोड स्थित एक होटल में छापा मारकर उसे पकड़ लिया। आरोपी के पास से 1 लाख 88 हजार 500 रुपये नकद, ठगी में इस्तेमाल लाल रंग की कार और कई फर्जी आधार कार्ड व ई-श्रम कार्ड बरामद किए गए। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ कोटा ले गई।

रोजगार का सपना दिखाकर बिछाया ठगी का जाल

बताया गया कि आरोपी ने कोटा के अनंतपुरा इलाके में ‘ओएसिस एंटरप्राइजेज’ नाम से कंपनी खोल रखी थी। इसके जरिए वह बेरोजगार युवाओं को घर बैठे काम देने का लालच देता था। एबीसीडी लिखने, माला गूंथने, स्वेटर बुनने जैसे आसान काम के नाम पर लोगों से 2500 रुपये सुरक्षा राशि जमा कराई जाती थी।

लोगों को एक अंग्रेजी की किताब और सादा कागज देकर 175 पन्ने लिखने को कहा जाता और बदले में चार हजार रुपये देने का वादा किया जाता। शुरुआत में कुछ लोगों को भुगतान भी किया गया, जिससे भरोसा बढ़ता गया और हजारों लोग जुड़ते चले गए।

लेकिन जैसे ही सुरक्षा राशि लौटाने का समय आया, आरोपी ऑफिस बंद कर रातों-रात फरार हो गया।

15 नवंबर 2025 को अनंतपुरा थाना क्षेत्र के कुलदीप शर्मा समेत कई पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि आरोपी ने 8500 से ज्यादा लोगों से दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोटा रेंज के आईजी ने आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था और एसआईटी गठित की गई थी।

जांच में पता चला कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड और अलग-अलग नामों का इस्तेमाल करता था। उसका असली नाम सानू कुमार सिंह उर्फ दीपक सिंह (25) है, जो बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार वह राजस्थान के अलावा दरभंगा, रांची, दुर्ग, सहारनपुर, बीकानेर और इंदौर जैसे शहरों में भी इसी तरह की ठगी कर चुका है।

आरोपी मोबाइल और ऑनलाइन लेनदेन से दूर रहता था, जिससे उसे पकड़ना मुश्किल हो रहा था। एसआईटी ने चेहरे की पहचान करने वाले एप से पुराने आधार कार्ड का मिलान किया, जिसमें करीब 90 प्रतिशत मैच मिला। जांच में यह भी सामने आया कि कोटा से फरार होने के बाद वह दिल्ली, पटना होते हुए प्रेमिका के साथ नेपाल चला गया था। होली के बाद वह फिर पटना लौटा और भागलपुर में छिपकर रह रहा था। इसी दौरान पुलिस ने होटल में छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

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