झारखंड की सबसे ऊँची चोटी पारसनाथ तक साइकिल यात्रा, डॉ. करमा कुमार और छात्र दल ने रचा नया कीर्तिमान
रांची: रांची के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंग्रेज़ी विभाग के शिक्षक डॉ. करमा कुमार ने अपने दो छात्र साथियों आयुष सिंह और आदित्य कुमार के साथ 21–22 अक्टूबर की दरमियानी रात एक चुनौतीपूर्ण और प्रेरणादायक साइकिल अभियान पूर्ण कर झारखंड की सबसे ऊँची चोटी पारसनाथ तक साइकिल द्वारा पहुँचकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
टीम ने 21 अक्टूबर की रात 1:20 बजे रांची से प्रस्थान कर करीब 19 घंटे के अथक प्रयास के बाद उसी रात 8:00 बजे पारसनाथ शिखर पर सफलतापूर्वक पहुँचकर यह विजय-पथ पूरा किया। इस यात्रा में ओरमांझी, हजारीबाग, बगोदर और डुमरी जैसे कठिन एवं पहाड़ी मार्गों को पार करना शामिल था, जिसमें शारीरिक सहनशीलता के साथ–साथ मानसिक दृढ़ता का भी परीक्षण रहा।
यात्रा के बारे में बोलते हुए डॉ. करमा कुमार ने कहा, “यह केवल दूरी तय करने का कार्य नहीं था — यह आत्मविश्वास, टीम वर्क और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है।”
इस उपलब्धि के प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक, उनके गुरु डॉ. विनय भरत, जिन्होंने नियमित रूप से साइकिलिंग के माध्यम से छात्रों को स्वास्थ्य और पर्यावरण-संवेदनशीलता का संदेश दिया, टीम को बधाई दी। “यह यात्रा पहाड़ चढ़ने की नहीं, आत्मबल पहचानने की मिसाल है,” डॉ. भरत ने कहा।
विश्वविद्यालय के कुलपति श्री अंजनी कुमार मिश्र, कुलसचिव डॉ. धनंजय वासुदेव द्विवेदी, विभागीय शिक्षकगण तथा स्टाफ—डॉ. पियूषबाला, दिव्या प्रिया, सुमित मिंज और संदीप ने भी टीम को हृदयपूर्वक बधाई और शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
यह अभियान न केवल शारीरिक साहस को दर्शाता है बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता, स्वस्थ जीवनशैली और युवा ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का आदर्श उदाहरण भी है। विश्वविद्यालय इस तरह के स्वस्थ व प्रेरक कार्यक्रमों का समर्थन जारी रखेगा।



