एनटीपीसी कहलगांव के 1000 एमजीआर कामगार हड़ताल पर, कोयला आपूर्ति बाधित
भागलपुर। एनटीपीसी कहलगांव परिसर में कार्यरत एम.जी.आर. (मूविंग गेट रेल) से जुड़े सैकड़ों कामगारों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 18 सितम्बर की सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। यह आंदोलन झारखंड मजदूर कल्याण संघ के नेतृत्व में शुरू हुआ है, जिसकी अगुवाई पूर्व विधायक एवं केंद्रीय अध्यक्ष राजेश रंजन कर रहे हैं।
मालूम हो कि इसके पुर्व भी मांगों को लेकर हड़ताल पाश्चात एनटीपीसी प्रबंधन से वार्ता के बाद भी कामगारों की समस्या बरक़रार है। संघ का आरोप है कि वार्ता के बाद भी प्रबंधन अपने वादे से मुकरती रही है। एक बार फिर से एनटीपीसी कहलगांव के लिए मुश्किलों का सायरन बज चुका है। झारखंड मजदूर कल्याण संघ ने अपनी नाराजगी का सीधा-सीधा एलान कर दिया है। हाल ही में संघ ने दो टूक कह भी दिया था – एकरारनामा का पालन कीजिए नहीं तो हम 18 सितंबर की सुबह से एमजीआर का पहिया जाम कर देंगे। मालूम हो कि झारखंड मजदूर कल्याण संघ के बैनर तले एमजीआर में कार्यरत करीब 500 गेट मैन, गैंग मैन, पेट्रोलिंग गार्ड और अन्य श्रमिकों ने हाल ही में कामकाज ठप कर दिया है। हड़ताल की घोषणा करते हुए मजदूरों ने एमजीआर लाइन पर झंडा गाड़कर आंदोलन की शुरुआत कर दी है। इस बीच सीआईएसएफ के दर्जनों जवान मौके पर पहुंचकर एनसीआर पर गाड़े गए ट्रेड यूनियन के झंडे को उखाड़ फेंक दिया पाश्चात गुस्साए कामगार पटरी पर ही सो गए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कोयला लोड ट्रेन हमलोगों को काटकर ही अब आगे बढ़ेगी।
आंदोलन की अगुआई कर रहे पूर्व विधायक,झारखंड मजदूर कल्याण संघ के केंद्रीय अध्यक्ष राजेश रंजन का कहना है कि एम.जी.आर. के तहत कार्यरत असिस्टेंट पॉइंट्स मैन, ब्रेक वैन गार्ड, डेटा एंट्री ऑपरेटर, हाउस कीपिंग वर्कर, एस एंड टी वर्कर समेत सभी कामगारों को उनके एकरारनामा के अनुरूप लाभ नहीं मिल रहे हैं, जिससे उनमें आक्रोश व्याप्त है।
संघ द्वारा उठाई गई मुख्य मांगे:
- बढ़े हुए दर का एरियर (जनवरी 2025 से) सभी MGR कामगारों को एकमुश्त भुगतान किया जाए।
- Assistant Points Man एवं Break Van Worker का लंबित वेतन संवेदक के पास वर्षों से लंबित है, जिसे तत्काल दिलाया जाए।
- Data Entry Operators को उनकी कार्यक्षमता के अनुसार उच्च श्रेणी का वेतन दिया जाए।
- सुबोध कुमार यादव (गेट वॉचमेन) का बकाया वेतन अविलंब भुगतान हो।
- आश्रित परिवारों के सदस्य – बिहारी यादव, अशोक यादव, तालमी मंडल एवं सिकंदर यादव के आश्रित पुत्रों को कार्य की अनुमति दी जाए।
- गैंगमैन, गेटमैन, पेट्रोलिंग गार्ड के वेतन में समरूपता लाई जाए।
- झारखंड मजदूर कल्याण संघ द्वारा नामित प्रतिनिधियों को श्रम कल्याण बोर्ड में प्रतिनियुक्त किया जाए।
- एकरारनामा में उल्लिखित अन्य बिंदुओं का समुचित अनुपालन किया जाए।
संघ की चेतावनी : समाधान नहीं तो आंदोलन होगा तेज़
राजेश रंजन ने बताया कि बार-बार मांगों को उठाने के बावजूद एनटीपीसी प्रबंधन और संवेदक वर्ग मौन बना हुआ है। ऐसे में अब मज़दूरों के पास हड़ताल के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।
इस हड़ताल से कोयला ढुलाई और एमजीआर संचालन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे एनटीपीसी की बिजली उत्पादन प्रक्रिया भी बाधित हो सकती है।



