सीजीएल परीक्षा पर मुख्यमंत्री सामने आकर दावों और सच्चाई की करे बात : अमर बाउरी
रांची : नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने 27 सितंबर को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस का संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार के कारण देश की संप्रभुता खतरे में पड़ गई है। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने सरकार को फ्रॉड कह कर संबोधित किया है। भारतीय जनता पार्टी पहले ही कह रही थी कि यह सरकार महाठग है। आम जनता को ठगकर 2019 में सरकार बनाई थी। सरकार को बनाने के लिए उन्होंने ठग विद्या लागू किया। युवाओं को हर साल 5 लाख नौकरी देने के नाम पर ठगा।
हाल ही में सीजीएल-जेएसएससी परीक्षा हुई है। इस परीक्षा को लेकर विज्ञापन के माध्यम से बड़े-बड़े दावे किए गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा के नाम पर पूरे राज्य का इंटरनेट बंद कर दिया था। कहा कि असम की तर्ज पर यह काम किया है। असम सरकार ने परीक्षा से काफी पहले सूचना देकर इंटरनेट बंद की थी। इस सरकार की तरह 18 घंटे पहले सूचना नहीं दी थी। पहले कहा गया था कि दोनों दिन कहा गया था कि सुबह 8 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक इंटरनेट बंद रहेगा। हालांकि रात के 2 बजे से ही इंटरनेट बंद कर दिया गया। सरकार को इस बात की जानकारी थी कि परीक्षा का प्रश्न पत्र जिनहें बेचा गया है, उनके हाथ से निकलकर यह बाजार में आ गया है। बिकना चालू हो गया है। अपनी चोरी और पाप को छिपाने के लिए रात के 2 बजे नेट बंद किया गया।
इसके बाद झामुमो के सारे हैंडलर्स सक्रिय हो गया। परीक्षा के आयोजन को उपलब्धि बताने लगे। पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में नौकरी के लिए कई परीक्षाएं हुई। किसी में भी दाग नहीं लगा। खुद घोषित कर रहे हैं कि सीजीएल परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हुई है। हालांकि बीते छह दिनों में इनकी हवा निकल गई है। सीजीएल परीक्षा को लेकर जिस किसी ने भी विरोध किया उसको स्थानीय प्रशासन से मिल कर सरकार डराने-धमकाने का काम कर रही है। उनपर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि परीक्षा में 2019, 2022, 2024 की परीक्षा के कई सारे प्रश्न को दोहराए गए हैं। देश में काई भी एजेंसी परीक्षा लेती है तो इतनी बड़ी गड़बड़ी नहीं करती है। इसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है। झारखंड की बदनामी पूरे देश में हो रही है। झारखंड के लोग की क्षमता और योग्यता पर लोग सवाल उठा रहे हैं। जबकि कमी राज्य सरकार की क्षमता में है। अगर जेएसएससी पिछले दो साल के सवाल के दोहराने की घटना को नहीं रोक पाई तो समझ सकते हैं कि कितनी बड़ी कमी है।
परीक्षा से पहले ही आंसर सीट आ चुके हैं। छात्रों ने इसका वीडियो बनाकर दिखाया है। उन्होंने कहा कि मेरे पास सुबह 4 बजे पूरा लिखा हुआ आंसर सीट आ गया था। यह परीक्षा पूछे गए सवाल का जवाब था। बच्चे सब रखे हुए हैं, पर सरकार की सख्ती से डरकर बाहर नहीं आ रहे हैं। भाजपा छात्रों के साथ खड़ी रही। भाजपा का साफ कहना है कि गड़बड़ी करके कोई बच नहीं सकता है। राज्यपाल ने इसपर संज्ञान लिया है।
श्री बाउरी ने कहा कि जेएसएससी के चेयरमैन ने कहा कि गड़बड़ी हुई है तो इसका सूबत पेश करे। छात्रों ने जेएसएससी के समक्ष सारे पुख्ता सबूत पेश किए हैं। इसका वीडियो और फुटेज भी है। पूरे प्रदेश में आक्रोश का माहौल है। सरकार नौकरियां बेचने से बाज नहीं आती है। कहा जाता है कि चोर चोरी से जाए हेराफेरी से नहीं जाए। इस सरकार ने तो डकैती शुरू कर दी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिन छात्रों ने सच के साथ खड़ा होने का काम किया ,है उनको धमकी मिल रही है। उनको डराने और अंजाम भुगताने का डर दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी छात्र का बाल का बांका होता है तो इसकी सीधी जिम्मेवारी मुख्यमंत्री, दल के लोगों की होगी। बदनाम सरकार होगी। साफ हो गया है कि झारखंड की सारी नौकरियां राज्य सरकार ने बेची है। सीजीएल परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक करके सरकार फिर नौकरियां बेचना चाह रही थी। एक भी नौकरी निष्पक्ष तरीके से नहीं सरकार दे रही।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री को सामने आना चाहिए। दावों और सच्चाई की बात करनी चाहिए। इस मामले में जेएसएससी के दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, चाहे वह कितने ही बड़े पद पर क्यों नहीं हो।

