‘सांसें हो रही हैं कम, आओ वृक्ष लगायें हम’
रांची :शिव शिष्य हरीन्द्रानन्द फाउंडेशन के तत्त्वावधान में ‘‘सांसें हो रही हैं कम, आओ वृक्ष लगायें हम’’ विषयक एक दिवसीय संगोष्ठी दी कार्निवाल हॉल डीबडीह रांची में आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरेण्य गुरूभ्राता श्री हरीन्द्रानन्द जी ने कहा कि पर्यावरण की समस्या एक वैश्विक समस्या बनती जा रही है। एक तरफ भूगर्भीय तापमान बढ़ता ही जा रहा है तो दूसरी ओर वायु प्रदूषण अपने चरम पर है। वरेण्य गुरुभ्राता ने कहा कि हाल के दिनों में देश प्रदूषित हवा से बेहाल है। धरती प्रदूषित होती जा रही है। इससे बचने के लिए पेड़ लगाए। हम पेड़-पौधों को लगातार काटते जा रहे हैं तथा धरती पर पेड़-पौधे एवं वन कम होते जा रहे हैं। इसका दुष्परिणाम हमारी अगली पीढ़ी को अवश्य ही झेलना पड़ेगा। सांसों को बचाना है तो पेड़ लगाएं।
संगोष्ठी का शुभारंभ राष्ट्रगान से हुआ।
न्यास के मुख्य सलाहकार श्री अर्चित आनंद जी ने बताया कि पर्यावरण सुरक्षा से संबंधित लगभग पचास से अधिक संगोष्ठी हमलोग कर चुके हैं एवं पिछले वर्ष तक हमलोगों ने लगभग 20 लाख पौधे पुरे देश एवं नेपाल के क्षेत्रों में लगाया है। कितना दुखद है कि हम प्रौद्योगिकी के इतने आदी हो गए हैं कि हम अपने पर्यावरण पर होने वाले हानिकारक प्रभावों की अनदेखी करते हैं। यदि हम वास्तव में जीवित रहना चाहते हैं तो अधिक से अधिक पेड़ लगाए।
न्यास की अध्यक्षा श्रीमती बरखा सिन्हा ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि हमारे अस्तित्व और कल्याण के लिए पेड़ और पौधे कितने महत्वपूर्ण हैं लेकिन हम में से कितने लोग नियमित रूप से पेड़ लगाते हैं? यदि आप ऐसा नहीं कर रहे हैं तो यह समय है जब आपको इसे गंभीरता से लेना चाहिए और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए जो कुछ भी प्रयास कर सके उन्हें करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे गुरू शिव प्रकृति का अयण करते हैं। वे प्रकृति के पालक है, संरक्षक भी हैं।
इस संगोष्ठी में बिहार एवम झारखंड के लोग सम्मिलित हुए। आगंतुकों ने भी अपने विचार रखे कि किस तरह से वृक्षों का संरक्षण किया जाय ताकि प्रदूषण से लड़ा जा सके और हम स्वच्छ हवा में साँसे ले सकें।

