अंश-अंशिका की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर भाजपा का एसएसपी कार्यालय घेराव, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
रांची : राजधानी रांची के धुर्वा मौसीबाड़ी खटाल से दो जनवरी से लापता चार वर्षीय अंश और पांच वर्षीय अंशिका की अब तक बरामदगी नहीं होने तथा राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को महानगर भाजपा ने एसएसपी कार्यालय का घेराव कर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। यह आंदोलन महानगर भाजपा अध्यक्ष वरुण साहू के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
धरना स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा दोनों मासूम बच्चों की अविलंब सकुशल बरामदगी की मांग की। रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि जब राज्य सरकार स्वयं भ्रष्टाचार में डूबी हो तो पुलिस प्रशासन से न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीचे से ऊपर तक व्यवस्था सड़ चुकी है, जिसके कारण पुलिस बच्चों को खोजने में गंभीरता नहीं दिखा रही है।
मुख्य सचेतक एवं विधायक नवीन जयसवाल ने कहा कि 12 दिन बीत जाने के बाद भी दोनों बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलना प्रशासन की घोर विफलता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पुलिस वाहन चालकों पर बार-बार चालान काट सकती है, लेकिन एक मासूम बच्चे को ढूंढ नहीं पा रही। यह पूरे सिस्टम के पतन का प्रमाण है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अनुशासित आंदोलन के बावजूद सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं को जगन्नाथपुर थाना में रोका गया।
भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री रेणु तिर्की ने कहा कि झारखंड में पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। दो मासूम बच्चों को अब तक नहीं खोज पाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। वहीं निवर्तमान डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने कहा कि प्रशासन आम जनता की सुरक्षा से विमुख हो गया है। राजधानी में करोड़ों की लागत से लगे सीसीटीवी कैमरे केवल वसूली का माध्यम बनकर रह गए हैं।
केके गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस बालू, कोयला और पत्थर की गाड़ियों को पकड़ने में व्यस्त है, जबकि राज्य में महिलाएं, किसान, व्यापारी और अब मासूम बच्चे भी असुरक्षित हैं। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र दोनों बच्चों की बरामदगी नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।



