केंद्र सरकार द्वारा लाए चार नए श्रम कानून के खिलाफ विभिन्न श्रमिक संगठनों का आहूत भारत बंद का झारखंड में भी असर
रांची :भारत सरकार के द्वारा चार नए श्रम कानून के खिलाफ विभिन्न ट्रेड यूनियन द्वारा आहूत भारत बंद का राजधानी रांची सहित पूरे झारखंड में मिला-जुला असर देखा जा रहा है। रांची के धुर्वा स्थित एचईसी मजदूर यूनियन के कर्मियों केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे मजुदूरों ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने चार नए श्रम कानून लाकर मजदूरों के साथ छल करने का काम किया है। हर हाल में इस चार कानून को वापस लेना होगा। इसके साथ ही भाकपा-माले सहित विभिन्न शर्मिक संगठनों ने अल्बर्ट का चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही चार नए श्रम कानून पर विरोध दर्ज किया। मजदूरों ने कहा कि नए श्रम कानून से श्रमिकों का भला नहीं होने वाला है। श्रमिकों के बच्चे अच्छे स्कूल में नहीं पढ़ पाएंगे। श्रमिकों का दोहन इस कानून से होगा। इसलिए हमलोग आज सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं बंद का रामगढ़ के कोलवारी एरिया में भी देखने को मिला। इसके साथ ही धनबाद, कतरास, पतरातु में भी बड़ी संख्या में ट्रेड यूनियन के लोगों ने सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भाकपा माले के जिला सचिव अजय कुमार सिंह, कर्मचारी संघ के सुनील साहू, बैंक एम्पलाइज एसोसिएशन के सतीश भार्गव, एआईबीए के सरफराज अहमद सहित कई नेताओं ने कहा कि केंद्र की सरकार किसानों एवं मजदूरों पर कहर बरपा रही है। 44 श्रम संहिता को बदलकर चार लेबर कोड में बदल दिया। किसानों को धोखा दिया। आज तक न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी सरकार नहीं कर पाई है।केंद्र सरकार के मजदूरी विरोधी नीतियों के विरोध में17 सूत्री मांगों के समर्थन में आज आम हड़ताल है।
भारत बंद का झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस,राजद,सहित सभी वामदलों ने समर्थन किया है।



