1932 के खिलाफ झारखण्ड नवनिर्माण मंच का हुआ गठन, सर्वसम्मति से कैलाश यादव अध्यक्ष एवं नीलम तिवारी महासचिव चुने गए, 22 को हरमू जमुनानगर में 3 बजे से बैठक होगी
रांची : धुर्वा पंचमुखी मंदिर प्रांगण में विभिन्न स्थानों के प्रतिनिधियों द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक समाजसेवी सुनील पांडेय की अध्यक्षता में हुई !
बैठक में सभी सदस्यों ने चर्चा के दौरान एक स्वर से कहा कि विगत दिनों हेमंत सरकार द्वारा राज्य में 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति प्रस्ताव पारित करने का निर्णय राज्यहित में नहीं है और जनविरोधी है, क्योंकि राज्य में 1932 खतियान लागू होने से लगभग 60-70 फीसदी आबादी बाहर हो जायेगे ! इसलिए झारखंड नवनिर्माण मंच इस निर्णय का पुरजोर विरोध करते हुए निंदा करता है !
1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति के विरोध में व्यापक जनांदोलन के लिए प्रो.गोपाल यादव,चंदेश्वर प्रसाद,शैलेश कुमार,नीलम तिवारी, संगीता पांडेय द्वारा झारखण्ड नवनिर्माण मंच संगठन निर्माण करने का प्रस्ताव लाया गया जिसे सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किया और जुझारू नेता कैलाश यादव को अध्यक्ष चुना गया !
वक्ताओं ने कहा की सर्वविदित है कि श्री यादव ने विगत दिनों भाषा को लेकर भोजपुरी,मगही,मैथिली, अंगिका,हिंदी,उर्दू सहित अन्य द्वितीय राजभाषा को क्षेत्रीय सूची में शामिल करने के समर्थन में काफी आंदोलन किया था और साथ ही 1932 खतियान के खिलाफ विगत 6 मार्च को झारखंड बंद का ऐतिहासिक एलान कर मुखरता से विरोध किया था ! श्री यादव बेहद वरिष्ठ राजनीतिज्ञ हैं और अत्यंत अनुभवी, लड़ाकू,कर्मठ एवं मुखर समाजसेवी के रूप में जाने जाते है !
झारखंड नवनिर्माण मंच के अध्यक्ष कैलाश यादव ने कहा कि राज्य में स्थानीय नीति का आधार राज्य निर्माण 15 नवंबर 2000 होना चाहिए !
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति का प्रस्ताव पारित कर बेहद ही खतरनाक और घृणित मानसिकता का परिचय दिया है ! महागठबंधन सरकार में शामिल राजद और कांग्रेस को सत्ता की लालच देकर डमरू के जैसे नाचने पर मजबूर किया है !
यादव ने कहा की महागठबंधन सरकार बनाने में बहुसंख्यक बिहारियों का अहम योगदान रहा है लेकिन सीएम हेमंत सोरेन ने वोट लेकर पीठ में खंजर भौंकने का काम किया है !
यादव ने कहा की 1932 के खिलाफ अब व्यापक रूप से जिलावार विरोध किया जाएगा, क्योंकि एकीकृत बिहार के समय से झारखंड में वर्षो से निवास करने वाले लगभग 60-70 फीसदी बहुसंख्य आबादी को हेमन्त सरकार ने बाहरी करार दिया है !
इसलिए हमलोगो को अपनी चट्टानी एकता के साथ जाति पार्टी से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के फैसले का कड़ा विरोध करना है !
यादव ने कहा कि किसी भी स्थिति में ब्रिटिश सर्वे 1932 जनविरोधी और असंवैधानिक कानून लागू होने नही दिया जाएगा, इसके लिए मंच कोई भी कीमत चुकाने के लिए तैयार रहेगा और सड़क से लेकर न्यायालय तक पूरी ताकत झोंक जायेगा !
बहुत जल्द प्रांतीय स्तर पर संगठन का विस्तार कर कार्यकारिणी का गठन कर दिया जाएगा !
बैठक में नीलम तिवारी, मदन गोपाल तिवारी,रामकुमार यादव,योगेंद्र शर्मा, मैनेजर राय,धर्मेंद्र गिरी,देवबिहारी यादव,अनिल तिवारी,प्रदीप सिंह, चंद्रिका यादव ने संबोधन किया साथ इनके अलावा सनोज मिश्रा,रामानंद शर्मा के.आर दास,सियाराम सिंह, सत्यानंद सिंह, महानंद प्रसाद, सुनील कुमार, शंकर यादव,सीताराम सेन, इंद्रदेव सिंह,अजय कु सिंह,संगीता पांडेय, मनोज कुमार,शैलेश सिन्हा, कृति देवी,द्वारिका प्रसाद,सुबोध ठाकुर,योगेंद्र शर्मा,अवधेश मिश्रा, राजकुमार झा,जैनेंद्र राय कुलदीप केशरी,जशविंदर सिंह,सोनू यादव,मुन्ना शर्मा सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे !

