मीराबाई की कृष्ण भक्ति पर धार्मिक परिचर्चा आयोजित, भक्ति और समर्पण का दिया संदेश
खूंटी।भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त एवं महान संत कवयित्री मीराबाई की कृष्ण भक्ति पर एक विशेष धार्मिक परिचर्चा पद्म सरिता आध्यात्मिक दर्शन संघ के तत्वावधान में भगतसिंह चौक पर गुरुवार को आयोजन किया गया। परिचर्चा में पद्म सरिता आध्यात्मिक दर्शन संघ के अध्यक्ष डॉ दीपक कुमार घोष ने मीराबाई के जीवन, उनकी भक्ति भावना तथा आध्यात्मिक विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।मुरहू के समाजसेवी डॉ धर्मेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कहा कि मीराबाई का संपूर्ण जीवन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट प्रेम, श्रद्धा और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर श्रीकृष्ण को अपना सर्वस्व माना। उनकी भक्ति में प्रेम, विरह, त्याग और आत्मसमर्पण की अद्भुत अभिव्यक्ति देखने को मिलती है।
अखिल भारतीय सांस्कृतिक विकास महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष तपन घोष ने कहा कि मीराबाई ने अपने भजनों के माध्यम से समाज को भक्ति, प्रेम, समानता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। युवा ध्रुवेन्द्र भास्कर ने कहा कि भक्त मीराबाई की रचनाएं आज भी श्रद्धालुओं के हृदय में विशेष स्थान रखती हैं। मीराबाई की कृष्ण भक्ति केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन में प्रेम, विश्वास और आत्मिक शांति का मार्ग भी प्रशस्त करती है। गुरु अनुप ने कार्यक्रम में मीराबाई के प्रसिद्ध भजनों का उल्लेख करते हुए उनकी भक्ति परंपरा की महत्ता बताई । वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में भी मीराबाई के विचार प्रासंगिक हैं और युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।अंत में भगवान श्रीकृष्ण की आराधना के साथ परिचर्चा का समापन हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने मीराबाई की भक्ति भावना को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जितेन्द्र पांडे, तुलसी प्रजापति, किशोर ठाकुर, बिरसा लोहरा सहित अन्य उपस्थित थे।


