कहलगांव विधायक ई. सुभानंद मुकेश का रांची में आत्मीय स्वागत
रांची : बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक ई. सुभानंद मुकेश शनिवार को रांची पहुंचे। इस दौरान हरमू विद्यानगर स्थित करम चौक के समीप समाजसेवी एवं भाजपा कार्यकर्ता राकेश कुमार सिंह चंदेल के आवास पर उनका आत्मीय स्वागत किया गया। विधायक के आगमन पर चंदेल परिवार में उत्साह और खुशी का माहौल रहा।
राकेश कुमार सिंह चंदेल ने परिवार के सदस्यों के साथ विधायक ई. सुभानंद मुकेश का स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान कहलगांव विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, जनसंपर्क और स्थानीय जनसमस्याओं सहित विभिन्न सामाजिक विषयों पर चर्चा हुई। विधायक ने जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास करने की प्रतिबद्धता जताई।
ई. सुभानंद मुकेश के पिता स्वर्गीय सदानंद सिंह कहलगांव विधानसभा क्षेत्र से नौ बार विधायक रहे थे और बिहार विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान की विरासत को आगे बढ़ाते हुए ई. सुभानंद मुकेश वर्तमान में कहलगांव क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इंजीनियर के रूप में टाटा कंपनी में कार्य करने के बाद उन्होंने जनसेवा के क्षेत्र में कदम रखा।
इस अवसर पर राकेश कुमार सिंह चंदेल ने कहा कि विधायक का उनके घर आगमन उनके लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात उनके और उनके परिवार के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगी।
कार्यक्रम में वजीरगंज विधानसभा क्षेत्र से जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रंजीत सिंह बतस, मुकेश सिंह धनोखर, विधायक की पत्नी डॉ. रिचा, शैलेंद्र पांडे, विकास सिंह, सुधीर शर्मा सहित परिवार के कई सदस्य और अन्य लोग मौजूद रहे।
इसी दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश से भी आत्मीय मुलाकात हुई। सामाजिक एवं राजनीतिक विषयों पर चर्चा के साथ उनके मार्गदर्शन और स्नेह का लाभ लेने का अवसर मिला। वहीं गुरुदेव अनिल पांडे बाबा के आगमन से भी कार्यक्रम विशेष रहा। उपस्थित लोगों ने उनका आशीर्वाद लिया और पारिवारिक माहौल में साथ भोजन किया।
राकेश कुमार सिंह चंदेल ने कहा कि वरिष्ठजनों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का स्नेह एवं मार्गदर्शन उनके लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने सभी अतिथियों और परिवारजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आत्मीय मिलन रिश्तों में स्नेह, विश्वास और अपनत्व को और मजबूत करते हैं।


