जेपीएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के खिलाफ छात्रों ने फ्लैश लाइट जलाकर किया मार्च
रांची: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब सरकार के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है। पिछले 24 दिनों से परीक्षा में अनियमितता और सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे थे। सरकार द्वारा उनकी मांगों को मानते हुए सीजीएल परीक्षा रद्द करने की घोषणा के बाद अब परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मंगलवार को सीजीएल परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों ने राजधानी रांची में फ्लैश लाइट जलाकर मार्च निकाला और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने “फांसी दो या नौकरी दो” जैसे नारे लगाए। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मंत्रालय के गेट के बाहर धरने पर बैठे रहे।
बताया जा रहा है कि सीजीएल परीक्षा में सफल 1975 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा नियुक्ति पत्र दिया जा चुका था और वे अपने पद पर कार्यरत थे। लेकिन छात्र आंदोलन के दबाव में सरकार ने सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है। इससे परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में पड़ गया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत और प्रतियोगिता के बाद परीक्षा में सफलता हासिल की है। यदि परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन मेहनत से सफल हुए अभ्यर्थियों को इसकी सजा नहीं मिलनी चाहिए।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने सरकार से परीक्षा रद्द करने के फैसले पर पुनर्विचार करने और उनकी नियुक्तियों को सुरक्षित रखने की मांग की है। वहीं, अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो वे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।


