नीट मुद्दे पर छात्रों के आंदोलन को राजद का समर्थन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज
रांची: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दे पर चल रहे छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में राजद नेताओं ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया।
राजद प्रवक्ता गौतम सागर राणा ने कहा कि लोकतंत्र लोक राज और लोक लाज से चलता है। उन्होंने 1974 के जेपी छात्र आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय गुजरात से शुरू हुआ छोटा छात्र आंदोलन पूरे देश में फैल गया था और आज नीट पेपर लीक के खिलाफ भी वैसा ही राष्ट्रव्यापी आंदोलन आकार ले चुका है। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार जल्द शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं लेती है तो इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
प्रेस वार्ता में राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है और प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर काफी देर से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर है।
यादव ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में करीब 152 बार विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए, लेकिन सरकार ने प्रभावी कदम नहीं उठाए। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी केंद्र सरकार को घेरा। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं पर पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और पत्थरबाजी का आरोप लगाते हुए इसकी कड़ी निंदा की।
राजद नेताओं ने कहा कि पार्टी छात्रों के आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ी है और आगे भी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध जारी रखेगी।
प्रेस वार्ता में डॉ. मनोज कुमार, आबिद अली, प्रणय कुमार बबलू, रामकुमार यादव और चंद्रशेखर भगत सहित अन्य नेता भी मौजूद रहे।


