कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच वार्ता,शिक्षा मंत्री के इस्तीफा पर मामला आटका
दिल्ली: पेपर लीक और परीक्षा सुधारों को लेकर केंद्र सरकार तथा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच शुक्रवार को हुई बहुप्रतीक्षित बैठक करीब 10 मिनट तक चली। बैठक के बाद संकेत मिले कि संगठन की तीन प्रमुख मांगों में से दो पर सरकार का रुख सकारात्मक है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अब तक सहमति नहीं बन सकी है।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित बैठक में CJP की ओर से सौरभ दास और आशुतोष रांका, जबकि सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह शामिल हुए। बैठक के बाद CJP नेताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी सबसे अहम मांग है और इससे कम पर संगठन सहमत नहीं होगा। उनका कहना है कि परीक्षा अनियमितताओं से देशभर के युवाओं में भारी नाराजगी है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार ने इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय देने के लिए शनिवार दोपहर तक का समय मांगा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस्तीफे पर फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और तेज किया जाएगा।
हालांकि, CJP का दावा है कि सरकार ने पेपर लीक से प्रभावित मामलों में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने तथा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की समीक्षा करने पर सैद्धांतिक सहमति जताई है। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि CJP ने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े पांच सुझाव रखे हैं। दोनों पक्ष शनिवार को फिर बैठक करेंगे, जिसमें सरकार अपना अंतिम रुख स्पष्ट करेगी।
इस बीच CJP ने प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग के आरोपों पर भारत सरकार, रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस आयुक्त से सार्वजनिक माफी की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि जब तक सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।


