आदिवासी छात्र संघ ने मनाया 26वां स्थापना दिवस, छात्र हितों के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का ऐलान
रांची: राजधानी रांची के करम टोली स्थित केंद्रीय धूमकुड़िया भवन में बुधवार को आदिवासी छात्र संघ का 26वां स्थापना दिवस उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष सुशील उरांव, पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सामूहिक रूप से केक काटकर स्थापना दिवस मनाया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम की शुरुआत संगठन के इतिहास और अब तक के संघर्षों को याद करते हुए की गई। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी छात्र संघ पिछले 26 वर्षों से राज्य के छात्रों, विशेषकर आदिवासी युवाओं के शैक्षणिक, सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाता रहा है। संगठन ने समय-समय पर छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आंदोलन कर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष सुशील उरांव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में छात्रों और आदिवासी समाज के सामने कई गंभीर चुनौतियां हैं। उन्होंने परिसीमन, एसआईआर तथा छात्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर संगठन गंभीरता से विचार कर आगे की रणनीति तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी किया जाएगा।
उन्होंने युवाओं से संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा शिक्षा, रोजगार और आदिवासी अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने छात्र हितों और आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।


