लंबे समय से अलग रह रहे कृति देवी और उनके पति जस कुमार उरांव फिर से एक साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया

लातेहार : न्यायालय परिसर में सोमवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। लंबे समय से अलग रह रहे कृति देवी और उनके पति जस कुमार उरांव ने आपसी मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए फिर से एक साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया। जैसे ही दोनों ने समझौते पर सहमति जताई और न्यायालय से साथ बाहर निकले, उनके तीनों बच्चे दीपक उरांव, रीमा कुमारी और प्रिया कुमारी के चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी। कुछ देर पहले तक कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बना यह परिवार देखते ही देखते फिर से एक छत के नीचे लौटने की उम्मीद के साथ घर के लिए रवाना हुआ। न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ताओं, कर्मियों और स्वजन ने इस पल का स्वागत किया। यह सफलता जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मार्गदर्शन में संचालित मध्यस्थता केंद्र के सतत प्रयासों का परिणाम रही। प्रशिक्षित मध्यस्थ सह बार एसोसिएशन लातेहार के अध्यक्ष लाल अरविंद नाथ शहदेव ने धैर्यपूर्वक दोनों पक्षों की बात सुनी और उन्हें रिश्ते की अहमियत का एहसास कराया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव शिवम चौरसिया, अधिवक्ता रंजन यादव और बिरसा उरांव ने भी लगातार संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अपने विवाद का पटाक्षेप कर दिया। इस समझौते की सबसे बड़ी खुशी उन तीन मासूम बच्चों के हिस्से आई, जिन्हें अब फिर से माता और पिता दोनों का स्नेह एक साथ मिलेगा। स्वजन ने भी राहत की सांस ली और इसे नई शुरुआत बताया। न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों का कहना था कि मुकदमे जीतने से कहीं अधिक सुख परिवार के फिर से जुड़ने में है। जब बिखरे रिश्ते जुड़ते हैं तो सबसे बड़ी जीत इंसानियत की होती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अधिकारियों ने बताया कि मध्यस्थता केंद्र का उद्देश्य केवल विवाद समाप्त करना नहीं, रिश्तों में संवाद कायम कर परिवारों को टूटने से बचाना भी है। यह मामला उसी सोच का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। कृति देवी और जस कुमार उरांव के परिवार के फिर से एक होने से यह संदेश भी गया कि धैर्य, संवाद और आपसी विश्वास के सहारे वर्षों पुराने मतभेद समाप्त किए जा सकते हैं। सोमवार को न्यायालय परिसर से विदा हुआ यह परिवार अपने साथ समझौते के साथ एक नई उम्मीद, नया विश्वास व तीन बच्चों के सुनहरे भविष्य की मुस्कान भी लेकर गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *