मुरहू प्रखंड में पेयजल संकट गहराया, ग्रामीण 10 दिनों से पानी के लिए परेशान
खूंटी : मुरहू प्रखंड में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए इंतजार कर रहे हैं। कई परिवार दूसरे गांवों या पड़ोसियों से पानी मांगकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं, जबकि कई लोग दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं।
यह स्थिति जल-नल योजना एवं सप्लाई पेयजल योजना की वास्तविकता को उजागर कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों की स्थिति शहरों से भी बदतर हो गई है। करोड़ों रुपये की सरकारी योजनाओं के बावजूद लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पेयजल विभाग ठेकेदारों के भरोसे चल रहा है। विभाग का कहना है कि ठेकेदार का भुगतान लंबित होने के कारण कार्य प्रभावित है, लेकिन इसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है। यदि विभाग स्वयं अपने कार्यों को समय पर पूरा कराने में सक्षम नहीं है, तो जनता को ऐसी व्यवस्था के भरोसे क्यों छोड़ दिया गया है?
ग्रामीणों के अनुसार पिछले 10 दिनों से नियमित जलापूर्ति बंद है, जबकि पूरे महीने में भी पानी की समस्या बनी रहती है। पहले लोगों के पास बोरिंग का विकल्प था, लेकिन अब वह भी भगवान भरोसे है।
जिले के कार्यपालक अभियंता द्वारा केवल यही आश्वासन दिया जा रहा है कि ठेकेदार का भुगतान रुका होने के कारण काम नहीं हो पा रहा है। इस स्थिति से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका सवाल है कि जब समय पर पानी ही नहीं मिलेगा, तो करोड़ों रुपये की जल योजनाओं का लाभ आखिर किसे मिल रहा है?
जनहित में मांग: मुरहू प्रखंड में पेयजल आपूर्ति शीघ्र बहाल की जाए, जल-नल योजना की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो तथा ग्रामीणों को नियमित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।


