रांची में नए बोरिंग पर लगेगा अब शुल्क, नगर निगम का फरमान
रांची: रांची नगर निगम क्षेत्र में अब नए बोरिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को नगर निगम से अनुमति लेकर करीब 5 हजार रुपए का शुल्क जमा करना होगा। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि शुल्क की रसीद दिखाए बिना कोई भी बोरिंग नहीं किया जाएगा। नियम का उल्लंघन करने वाले बोरिंग संचालकों के वाहनों का लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।
शुक्रवार को नगर निगम प्रशासक की अध्यक्षता में रांची रिंग ऑनर एसोसिएशन के साथ बैठक हुई, जिसमें जल संरक्षण और भूजल स्तर में लगातार हो रही गिरावट पर चर्चा की गई। नगर निगम ने कहा कि निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में बिना सूचना के बड़ी संख्या में डीप बोरिंग किए जा रहे हैं, जिससे भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है और कई स्थानों पर पुराने बोरिंग फेल हो रहे हैं। इससे पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। निगम का कहना है कि जल संरक्षण के लिए यह कदम आवश्यक है।
वहीं रांची रिंग ऑनर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश चंद्रा ने कहा कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से एक ओर बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि शुल्क लेना ही है तो इसकी ऑनलाइन व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि लोगों को निगम कार्यालय में लंबी कतारों और अन्य परेशानियों का सामना न करना पड़े।
महेश चंद्रा ने सुझाव दिया कि नगर निगम को बोरिंग पर टैक्स लगाने के बजाय वर्षा जल संचयन (वाटर हार्वेस्टिंग) को बढ़ावा देना चाहिए। पुराने बोरिंग में वाटर हार्वेस्टिंग किया जाना चाहिए। इससे भूजल संरक्षण होगा और लोगों को डीप बोरिंग कराने की आवश्यकता भी कम पड़ेगी। पौधरोपण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम इस व्यवस्था के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। बैठक में क्यूम अंसारी, राजेश कुमार, बिनोद वर्मा, जितेंद्र सिंह और सुमित चौधरी समेत कई लोग मौजूद थे।



