परिमल नाथवानी का नामांकन रद्द करने की मांग, विधानसभा के अंदर बीच सड़क पर कांग्रेसियों का धरना प्रदर्शन
रांची: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र को रद्द करने की मांग को लेकर झारखंड कांग्रेस ने बुधवार को विधानसभा के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध दर्ज कराया।
धरना में खिजरी विधायक राजेश कच्छप, यूथ कांग्रेस नेता कुमार राजा, रमा खलखो समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में कई गंभीर त्रुटियां और विसंगतियां हैं, जिनके आधार पर उनका नामांकन रद्द किया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी द्वारा नामांकन पत्र पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। उन्होंने दावा किया कि जिस प्रकार मध्यप्रदेश में एक प्रत्याशी का नामांकन तकनीकी कारणों से रद्द किया गया था, उसी तरह झारखंड में भी नियमों का समान रूप से पालन होना चाहिए।
पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि कानूनी प्रावधानों के अनुसार नाथवानी का नामांकन रद्द होना चाहिए था, लेकिन उन्हें त्रुटियों को सुधारने के लिए समय दिया गया, जो नियमों के विपरीत है।
वहीं विधायक राजेश कच्छप ने भाजपा पर राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और उसके पास पर्याप्त संख्या बल है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी उम्मीदवार के नामांकन पत्र में त्रुटि पाई जाती है तो कानून के तहत उसका नामांकन रद्द होना चाहिए। इसी मांग को लेकर कांग्रेस ने शांतिपूर्ण धरना दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में पारदर्शिता, निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए पार्टी अपनी लड़ाई जारी रखेगी तथा नामांकन पत्र की निष्पक्ष जांच की मांग करती रहेगी।



