मुरहू में गहराया पेयजल संकट, भीषण गर्मी में 90% जलापूर्ति योजनाएं बंद
खूंटी: राज्य सरकार जहां हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं खूंटी जिले के मुरहू प्रखंड की जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। ग्राम पंचायत गनालोया में हर घर नल-जल योजना के तहत निर्मित जलापूर्ति व्यवस्था एक वर्ष बीत जाने के बाद भी लोगों की प्यास नहीं बुझा पाई है। योजना का निर्माण तो हो गया, लेकिन अब तक कई जगहों पर पानी की आपूर्ति शुरू ही नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष बड़े पैमाने पर नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन और जलमीनार का निर्माण किया गया था। लेकिन अधिकांश योजनाएं शुरू होने से पहले ही बंद पड़ी हैं। भीषण गर्मी के इस दौर में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। पंचायत क्षेत्र में लगभग 90 प्रतिशत जलापूर्ति योजनाएं खराब पड़ी हैं, जिससे लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार योजना निर्माण के समय ठेकेदार द्वारा पांच वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी लेने की बात कही गई थी, लेकिन वर्तमान स्थिति में कहीं भी उसका असर दिखाई नहीं दे रहा है। जलमीनार और अन्य संरचनाएं केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई हैं।
पंचायत समिति सदस्य रोशनलाल ने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद हर घर नल-जल योजना बंद पड़ी हुई है और ग्रामीण पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं के प्रति गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि पेयजल जैसी आवश्यक सुविधा से वंचित लोग आज भगवान भरोसे जीवन यापन कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द खराब योजनाओं की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।



