मुरहू प्रखंड में वाद्य यंत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन
खूंटी : मुरहू प्रखंड सभागार में गुरुवार को कल्याण विभाग, झारखंड सरकार द्वारा पारंपरिक वाद्य यंत्र वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिषद के मशीह गुड़िया ने की।
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य नेलानी देमता, प्रखंड प्रमुख ऐलिस ओदद्या, उप प्रमुख अरुण कुमार साबू, सांसद प्रतिनिधि धर्मदास कंडीर, आईटीडीए डायरेक्टर, प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित पंचायतों के मुखिया, जनप्रतिनिधि एवं गांवों के वंशानुगत ग्राम प्रधान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ की गई, जिसमें उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का स्वागत किया गया। इसके पश्चात वाद्य यंत्र वितरण की प्रक्रिया आरंभ हुई।
इस अवसर पर वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि पारंपरिक वाद्य यंत्र हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन बदलते समय के साथ ये परंपराएं धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही हैं। कल्याण विभाग द्वारा इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से इन परंपराओं को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने में मदद मिलेगी।
आईटीडीए डायरेक्टर ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों की सांस्कृतिक पहचान को सहेजने और उसे आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि इन वाद्य यंत्रों का वितरण ग्राम प्रधानों को इस उद्देश्य से किया जा रहा है कि वे अपने गांवों में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा दें और पारंपरिक कला को जीवित रखें।
उप प्रमुख अरुण कुमार साबू ने अपने संबोधन में कहा कि यह कार्यक्रम केवल वाद्य यंत्र वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान को संजोने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि गांवों में धुमकुड़िया जैसी संस्थाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत की धरोहर हैं, जिन्हें सशक्त बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने ग्राम प्रधानों एवं ग्रामीणों से अपील की कि वे इन वाद्य यंत्रों का उपयोग सामूहिक कार्यक्रमों, त्योहारों एवं सामाजिक आयोजनों में करें, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी परंपराओं से परिचित हो सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि सांस्कृतिक गतिविधियां समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करती हैं, इसलिए इन वाद्य यंत्रों का संरक्षण और सही उपयोग हम सभी की जिम्मेदारी है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि इन वाद्य यंत्रों का उपयोग गांवों में सामूहिक कार्यक्रमों के तहत किया जाएगा तथा इनके रख-रखाव की जिम्मेदारी स्वयं ग्रामवासियों की होगी। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों से आग्रह किया कि वे इन वाद्य यंत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और नियमित रूप से इनका उपयोग करें।
मुरहू प्रखंड में कुल 24 धुमकुड़िया भवन हैं, और आज इन सभी 24 स्थानों के ग्राम प्रधानों को वाद्य यंत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा यह संकल्प लिया गया कि क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित एवं सशक्त बनाने के लिए सभी मिलकर कार्य करेंगे।



