लोहरदगा की ग्रामीण महिलाओं ने खूंटी में सीखा मशरूम बीज उत्पादन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम
खूंटी: झारखंड सरकार द्वारा ग्रामीण निर्धन महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर अब दिखने लगा है। इसी कड़ी में लोहरदगा जिले के किस्को और पेसरार प्रखंड से आई करीब 40 महिलाओं ने खूंटी स्थित एपीपी एग्रीगेट मशरूम बीज उत्पादन केंद्र का दौरा कर व्यावहारिक प्रशिक्षण लिया।
इस एक्सपोजर विजिट के दौरान महिलाओं को मशरूम बीज (स्पॉन) तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही मशरूम से बनने वाले विभिन्न उत्पाद जैसे अचार, बिस्किट, प्रोटीन पाउडर, पापड़ और गोंद के लड्डू बनाने के तरीके भी सिखाए गए। प्रशिक्षक पूनम सांगा और पिंकी कुमारी ने महिलाओं को बारीकी से हर पहलू समझाया।
एपीपी एग्रीगेट के प्रबंधक प्रभाकर कुमार ने बताया कि मशरूम उत्पादन के लिए बड़े खेत या जमीन की आवश्यकता नहीं होती है। इसे छोटे कमरे में भी आसानी से शुरू किया जा सकता है, जिससे कम लागत में अच्छा मुनाफा संभव है। उन्होंने बताया कि संस्थान पिछले कई वर्षों से मशरूम बीज उत्पादन का प्रशिक्षण दे रहा है और महिलाओं को बाजार भी उपलब्ध करा रहा है, जिससे उनकी आय सुनिश्चित हो रही है।
महिलाओं ने केंद्र में उत्पादन की प्रक्रिया को नजदीक से देखा और इसे बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि लोहरदगा में भी इस तरह का केंद्र और प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर ही उत्पादन और विपणन हो सके। इससे समय की बचत होगी और आमदनी में भी वृद्धि होगी।
यह पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।



