नशापान के कारण पिछड़ता जा रहा है आदिवासी समाज: कालीचरण मुंडा
खूंटी: शिवरात्रि के पावन अवसर पर जिले के अंतिम छोर पर बसे अड़की प्रखंड के ईचाहातू गांव में आयोजित चार दिवसीय हॉकी प्रतियोगिता एवं विराट छौः नृत्य मेला पूरे उत्साह और उल्लास के साथ संपन्न हो रहा है। खेल और संस्कृति के अद्भुत संगम ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया है।
कार्यक्रम में रविवार को खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा मुख्य रूप से शामिल हुए। उनके साथ कांग्रेस के स्टेट मेंबर मो. नईमुद्दीन खां, पीटर मुंडू, अमित कुमार तथा मुखिया गीता समद भी उपस्थित रहीं। सांसद के लौटने के बाद देर 15 फरवरी की रात 8 बजे से आयोजित विराट छौः नृत्य में सोनपुर (अड़की) के भोलानाथ सिंह मुंडा एवं कुड़ापुर्ती (सोयको) के डॉ. सोहन सिंह मुंडा अपने-अपने दल के साथ पारंपरिक प्रस्तुति देंगे।
हॉकी प्रतियोगिता में खूंटी एवं पश्चिमी सिंहभूम जिले की कुल 72 टीमों ने भाग लिया है। प्रारंभिक मुकाबलों के बाद अब फाइनल मैच मंगलवार को खेले जाएंगे। विजेता टीमों को पारंपरिक पुरस्कार के रूप में खस्सी एवं बण्डा प्रदान किया जाएगा। आयोजन समिति द्वारा दूर-दराज से आए खिलाड़ियों के लिए ठहरने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
अपने संबोधन में सांसद कालीचरण मुंडा ने युवाओं से हंडिया-दारू के नशे का त्याग कर शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अशिक्षा और नशाखोरी आदिवासी समाज की प्रगति में बाधा बन रही है। शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए इसे खेल और संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
खेल एवं मेला समिति, ईचाहातू ने जिलेवासियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अड़की थाना पुलिस को भी पूर्व सूचना दी गई है।
शिवरात्रि के इस आयोजन ने एक बार फिर साबित किया है कि गांवों की धरती पर खेल और संस्कृति की जड़ें कितनी गहरी हैं, जहां हॉकी की गूंज और छौः की थाप के साथ पूरा इलाका झूम उठता है।
जान से ज्यादा प्यारी है जनता: सांसद
ईचाहातू अतिसंवेदनशील इलाका है। पुलिस भी सांसद कालीचरण मुंडा को ईचाहातू जाने से रोकना चाह रही थी। लेकिन सांसद ने कहा कि जान से ज्यादा मुझे जनता प्यारी है। यह कहते हुए उन्होंने ईचाहातू के कार्यक्रम में शामिल हुए। ईचाहातू खूंटी से 50 किमी दूर सुदूर जंगली इलाके में अवस्थित है। यह इलाका नक्सल प्रभावित है और लगभग दो से तीन किमी तक कच्चा रास्ता है। धुल उड़ाती सांसद की गाड़ी आखिरकार ईचाहातू पहुंच ही गई।



