अंश-अंशिका के घर लौटी खुशियां, केक काटकर मना जश्न, दही-चूड़ा भोज का आयोजन

रांची: राजधानी रांची के धुर्वा मौसीबाड़ी खटाल से बीते दो जनवरी से लापता अंश और अंशिका के सकुशल घर लौटने के बाद उनके घर में उत्सव का माहौल है। बच्चों की वापसी की खबर मिलते ही रांची सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे। सभी ने अंश-अंशिका को दुलार किया, उनके माता-पिता सुनील यादव और नीतू देवी से मिलकर कुशलक्षेम जाना और परिवार की खुशी में सहभागी बने।

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उत्सव के दौरान अंश, अंशिका और उनके एक अन्य भाई ने एक साथ केक काटा। घर आए लोगों ने बच्चों को आशीर्वाद दिया और मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा और तिलकुट के भोज में शामिल हुए। बच्चों की वापसी से माता-पिता की आंखें बार-बार नम हो जा रही थीं।


पिता सुनील यादव ने भावुक होकर कहा, “झारखंड ही नहीं, पूरे देश की जनता के आशीर्वाद से ही आज मेरा बच्चा मेरी गोद में लौटा है। मीडिया के सहयोग से अंश और अंशिका की चर्चा देश-विदेश तक पहुंची, इसके लिए मैं सभी का आभारी हूं।” वहीं मां नीतू देवी ने कहा, “शायद पूर्व जन्म के किसी अच्छे कर्म का फल है कि मुझे अंश और अंशिका जैसे बच्चे मिले। आज पूरे देश में लोग हमें इन्हीं बच्चों के कारण जान रहे हैं।”
खूंटी से आए एपीपी एग्रीगेट के निदेशक प्रभाकर कुमार और अनमोल कुमार ने बच्चों को गोद में उठाकर स्नेह दिया और कहा कि बच्चों के लापता होने की खबर से वे बेहद दुखी थे, लेकिन सकुशल वापसी की सूचना ने मन को खुशी से भर दिया।
समाजसेवी गौरीशंकर यादव, कैलाश यादव और राहुल यादव ने बताया कि बच्चों की बरामदगी की खुशी में विजय जुलूस निकालने की पूरी तैयारी थी, लेकिन गुमला में सड़क दुर्घटना में छह लोगों की मौत, जिसमें इसी बस्ती के दो लोग शामिल हैं, की सूचना मिलने के बाद जुलूस स्थगित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि शोक के माहौल में जश्न मनाना उचित नहीं लगा।
गौरीशंकर यादव ने बताया कि मकर संक्रांति के अवसर पर अंश-अंशिका के मिलने की खुशी में जन्मदिन की तरह केक काटा गया और हजारों लोगों को दही-चूड़ा व तिलकुट परोसा गया। बच्चों की वापसी ने पूरे इलाके को खुशियों से भर दिया है।

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