कहलगांव में वोट खरीदने का नया खेल – गरीब मतदाताओं के बीच बांटे गए ₹500 के जाली नोट
भागलपुर: बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कहलगांव विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं को लुभाने के लिए नकली नोटों का खेल बड़े पैमाने पर खेला गया है। सूत्रों और ग्रामीणों के हवाले से यह खुलासा हुआ है कि कुछ समुदायों के आर्थिक रूप से कमजोर मतदाताओं के बीच ₹500 के जाली नोट बांटे गए। यह मामला अब पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है।कहलगांव प्रखंड के महेषामुंडा और पकड़तल्ला गांव के लोगों ने बताया कि चुनावी प्रचार के दौरान कुछ संदिग्ध व्यक्तियों ने उन्हें नोट देकर ‘अपना समर्थन’ देने की अपील की थी। बाद में जब उन नोटों को बाजार में खर्च करने की कोशिश की गई, तो वे नकली निकले। कई दुकानदारों ने भी पुष्टि की है कि हाल के दिनों में उनके पास फर्जी नोटों के कई मामले आए हैं। बताया गया कि भयवश ऐसे लोग पुलिस प्रशासन के समक्ष शिकायत करने नहीं जा रहे हैं। लेकिन गांव के ग्रामीणों के बीच यह कोलाहल, फुसफुसाहट तेजी से फैल रहा है। इसी तरह, गोराडीह और सन्हौला प्रखंड के कई अन्य गांवों से भी ऐसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चुनावी दिनों में अंधेरे का फायदा उठाकर संदिग्ध लोग गांवों में नोट बांटने पहुंचे थे। इस दौरान प्रत्येक घर में पांच सौ रुपये के तीन-चार नोट दिए जा रहे थे। ग्रामीणों ने ही बताया कि यह खेल मतदान की तिथि से एक सप्ताह पूर्व से रात के अंधेरे में चल रहा था। कहलगांव एसडीपीओ कल्याण आनंद ने बताया कि अब तक इस तरह की कोई शिकायत उनके पास नहीं पहुंची है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कहलगांव विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान धनबल का खुलकर इस्तेमाल हुआ है। बताया जा रहा है कि बड़े पैमाने पर नोटों का वितरण किया गया, लेकिन इस खुलासे के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पुलिस की निगरानी और चौकसी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मालूम हो कि पुलिस प्रशासन क्षेत्र में अपनी सक्रियता दिखाते हुए कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। फिलवक्त, इस तरह के मामले सामने नहीं आए। कहलगांव विधानसभा सीट पर इस बार मुकाबला बेहद रोचक है। मैदान में एनडीए समर्थित जेडीयू प्रत्याशी शुभानंद मुकेश, आरजेडी के रजनीश यादव, कांग्रेस के प्रवीण कुशवाहा, और निर्दलीय (भाजपा के बागी विधायक) पवन यादव चुनावी मैदान में हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुकाबला मुख्य रूप से जेडीयू और आरजेडी के बीच सिमटता दिख रहा है।बताया जाता है कि आरजेडी प्रत्याशी रजनीश यादव, झारखंड के गोड्डा से आरजेडी विधायक एवं मंत्री संजय प्रसाद यादव के पुत्र हैं। राजनीतिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक प्रभाव के कारण उनका मुकाबला काफी चर्चा में है।फिलहाल, स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले की जांच की बात कह रहा है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यदि शुरुआत में ही सख्त कार्रवाई की जाती, तो नकली नोटों का यह खेल इतनी दूर तक नहीं फैलता। अब देखना यह है कि इस खुलासे के बाद चुनाव आयोग और जिला प्रशासन क्या कदम उठाते हैं।



