झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 से 11 दिसम्बर तक, मंत्रिपरिषद की बैठक में 18 प्रस्तावों पर लगी मुहर
गणादेश,रांची : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन निर्णयों का सीधा संबंध राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार और जनहित से है।
कैबिनेट सचिव वंदना दाड़ेल ने प्रेस ब्रीफ़ करते हुए कहा कि बैठक में मंत्रिपरिषद ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र को 5 से 11 दिसम्बर तक आयोजित करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। इसके अलावा गारंटी मोचन निधि के संचालन हेतु भारतीय रिजर्व बैंक की अधिसूचना पर सहमति दी गई। साथ ही, राष्ट्रीय आवास बैंक से यूआईडीएफ के अंतर्गत योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए संशोधित प्राधिकार पत्र प्रारूप को मंजूरी मिली है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अंतर्गत 3883 स्वीकृत पदों में से 1315 वनरक्षी पदों को प्रधान वनरक्षी में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। राज्य के सभी 24 जिलों में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में साइंस लैब स्थापित की जाएगी। वहीं नेतरहाट आवासीय विद्यालय के शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना के तहत लाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में देवघर के होटल वैद्यनाथ विहार को पीपीपी मोड पर चार सितारा होटल के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी गई, जिसकी अनुमानित लागत ₹113.97 करोड़ होगी।
साथ ही, सेतु बंधन परियोजना के लिए ₹37.27 करोड़ की स्वीकृति, गिरिडीह-जमुआ सड़क के चौड़ीकरण व मजबूतीकरण हेतु ₹133 करोड़ और सिमडेगा-उड़ीसा बॉर्डर सड़क सुधार कार्य के लिए ₹29.76 करोड़ की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई।
इसके अलावा, देशी मांगुर मछली को राज्य की राजकीय मछली घोषित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। साथ ही, तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन हेतु स्वीकृति दी गई।
बैठक में अन्य कई विभागीय नियमावली में संशोधन तथा लातेहार के चकला कोल परियोजना हेतु 147.05 एकड़ भूमि को हिण्डाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को 30 वर्षों के लिए लीज पर देने की मंजूरी भी दी गई।



