बिहार चुनाव 2025 में सीआईएसएफ की मिसाल: सुरक्षा, संवेदनशीलता और समर्पण का संगम

भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की भूमिका एक बार फिर मिसाल बन गई।’सुरक्षा और संरक्षण’ के अपने आदर्श वाक्य को साकार करते हुए, सीआईएसएफ के जवानों ने न केवल कानून-व्यवस्था पर पैनी नजर रखी, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता का भी उदाहरण पेश किया।

राज्यभर में तैनाती के दौरान सीआईएसएफ ने न सिर्फ मतदान केंद्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि संवेदनशील इलाकों में भी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। स्थानीय पुलिस के साथ समन्वित कार्रवाई में बल ने कई महत्वपूर्ण बरामदगियां कीं — जिनमें 37 देशी कट्टे, 7 अन्य हथियार, 116 जीवित कारतूस, ₹1.82 करोड़ नकद, 11.65 किलोग्राम गांजा और 5,590 लीटर अवैध शराब शामिल हैं। इन कार्रवाइयों से चुनाव अवधि में भयमुक्त माहौल कायम रखने में बड़ी सफलता मिली।

लेकिन सीआईएसएफ की भूमिका सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रही। मतदान के दिन बल के जवानों ने वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं और जरूरतमंद लोगों को मतदान केंद्रों तक पहुँचाने और मार्गदर्शन करने में सक्रिय सहयोग दिया। उनका यह मानवीय चेहरा लोकतंत्र के समावेशी और सम्मानजनक स्वरूप को मजबूत करता दिखा।

चुनावों के दौरान 190 कंपनियों के सीआईएसएफ कर्मियों को बिहार भर में तैनात किया गया था। संपूर्ण अभियान की निगरानी पूर्वी खंड के महानिरीक्षक श्री दीपक वर्मा के नेतृत्व में की गई, जबकि श्री अमित माथुर, उप महानिरीक्षक (EZ-I), पटना इस तैनाती के नोडल अधिकारी रहे।

वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय स्तर पर की गई सतत मॉनिटरिंग और सुदृढ़ कमांड सिस्टम ने पूरे संचालन को निर्बाध बनाए रखा।

कानून प्रवर्तन की दृढ़ता और सेवा-भाव की करुणा के इस अद्भुत संयोजन ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि सीआईएसएफ न केवल राष्ट्र की रणनीतिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा करती है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता की रक्षा में भी अग्रणी भूमिका निभाती है।

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