निर्वाचन से पहले प्रशासन सख्त : 170 लोगों के शस्त्र अनुज्ञप्ति निलंबित, 2 की अनुज्ञप्ति रद्द
भागलपुर। बिहार विधानसभा आम निर्वाचन-2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारी तेज़ हो गई है। कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों पर सख्ती दिखाते हुए बड़ा कदम उठाया है।
जिला दंडाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी के आदेश पर भागलपुर जिले के 170 शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए, वहीं 2 व्यक्तियों के शस्त्र अनुज्ञप्ति को पूरी तरह रद्द कर दिया गया। जिन दो अनुज्ञप्तिधारियों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, उनके शस्त्रों को जब्त करने के निर्देश संबंधित थाना को जारी कर दिए गए हैं।
निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सभी शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों को अपने-अपने संबंधित थानों में शस्त्र सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया था। बावजूद इसके कई अनुज्ञप्तिधारी अब तक सत्यापन कराने नहीं पहुंचे और सत्यापन के बाद भी अपने शस्त्र जमा नहीं किए। प्रशासन ने ऐसे लोगों की सूची तैयार कर कार्रवाई शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भागलपुर एवं पुलिस अधीक्षक नवगछिया ने उन सभी व्यक्तियों की सूची जिला प्रशासन को सौंपी, जिन्होंने आदेश की अवहेलना की थी या जिन अनुज्ञप्तिधारियों की मृत्यु हो चुकी थी। इन प्रस्तावों के आधार पर जिला दंडाधिकारी ने कठोर निर्णय लेते हुए लाइसेंस निलंबन एवं रद्दीकरण की कार्रवाई की।
चुनावी माहौल में किसी भी तरह की अशांति या अवांछित घटना को रोकने के लिए जिला प्रशासन लगातार निगरानी रखे हुए है। अधिकारियों का कहना है कि शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और अनिवार्य है। कोई भी व्यक्ति बिना सत्यापन कराए हथियार अपने पास नहीं रख सकता।
जिला दंडाधिकारी डॉ. चौधरी ने स्पष्ट कहा है कि ‘निर्वाचन अवधि में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आदेशों की अवहेलना किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।’प्रशासन ने सभी शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों से पुनः अपील की है कि वे तत्काल अपने-अपने थाने में जाकर शस्त्र सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करें। देरी करने या नियमों की अनदेखी करने वालों पर आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।



