खूंटी में भागवत कथा का भव्य आयोजन
खूंटी: नवरात्रि के अवसर पर इस्कॉन नामहट केंद्र के तत्वावधान में एक दिवसीय भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य प्रवचनकर्ता इस्कॉन अंतरराष्ट्रीय शाखा मायापुर धाम से पधारे भक्त बहरूप जगन्नाथ प्रभु रहे।
प्रवचन की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि जीव, ईश्वर, प्रकृति, काल और कर्म पर आधारित जीवन ग्रंथ श्रीमद् भगवद् गीता स्पष्ट करती है कि श्रीकृष्ण ही परम भगवान हैं। जब जीव श्रद्धा से इस सत्य का साक्षात्कार करता है, तभी वह भगवान के दिव्य स्वरूप का दर्शन कर पाता है और अपने भौतिक जीवन से मुक्त होकर भगवत भाव में प्रवेश करता है।
उन्होंने वेदों और उपनिषदों का उल्लेख करते हुए कहा—
“ॐ ईशा वास्यमिदं सर्वं यत्किञ्च जगत्यां जगत्।
तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा मा गृधः कस्यस्विद्धनम् ॥”
जगन्नाथ प्रभु ने बताया कि सृष्टि के प्रारंभ में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रह्मा जी को ज्ञान प्रदान किया था। वही वासुदेव श्रीकृष्ण जन्म और मरण से परे हैं। जीव जब इस परम सत्ता को स्वीकार करता है तो वह आत्मा से परमात्मा की यात्रा का अधिकारी बन जाता है।
उन्होंने कहा कि माया देवी (दुर्गा) के प्रभाव से लोग भौतिक जगत में फंस जाते हैं और परमात्मा को भूल जाते हैं। ऐसे समय में भागवत पुराण और श्रीमद् भगवद् गीता जैसे दिव्य शास्त्र ही जीव को सच्चे ज्ञान की ओर ले जाते हैं। इस्कॉन का उद्देश्य इन्हीं ग्रंथों को घर-घर तक पहुंचाना है, ताकि लोग माया से मुक्त होकर ईश्वर की भक्ति में प्रवृत्त हो सकें।
आयोजन से पूर्व पश्चिम बंगाल से आए दस साधुओं का स्वागत केंद्र संचालक शुकामृत दास ने माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम में सैकड़ों नगरवासियों ने भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं को जगन्नाथ धाम पुरी का महाप्रसाद—पुरी-सब्जी वितरित किया गया। साथ ही भागवत ग्रंथ भी लोगों को प्रदान किए गए।



