साराबुरु गांव पहुंचे जिप अध्यक्ष मसीह गुड़िया, पैदल चलकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, सड़क, पुल और आंगनबाड़ी केंद्र की मांग लेकर सामने आए ग्रामीण
खूंटी,गणादेश : तोरपा प्रखंड के साराबुरु गांव की समस्याओं से मंगलवार को जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया रूबरू हुए। गाड़ी सड़क पर खड़ी कर उन्हें करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर गांव पहुंचना पड़ा। वहां आयोजित ग्रामसभा में ग्रामीणों ने अपनी परेशानियां विस्तार से रखीं।
गांव के याकूब भेंगरा ने बताया कि साराबुरु गांव तोरपा प्रखंड मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर है, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए सड़क की सुविधा नहीं है। ग्रामीण पगडंडी से होकर तपकरा बाजार पहुंचते हैं और हफ्ते भर का जरूरी सामान लाना पड़ता है। बरसात में नदी पर पुल नहीं होने से पानी भर जाता है और गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि गुजरात की एक कंपनी ने पौधारोपण के नाम पर बड़े-बड़े गड्ढे खोद दिए हैं, जिससे पगडंडी मार्ग और भी दुर्गम हो गया है। मरीजों को अस्पताल तक ले जाना बेहद कठिन हो गया है। हाथियों और मोर के उत्पात से भी लोग परेशान हैं।
महिलाओं ने बताया कि गांव में कुल 35 परिवार रहते हैं। आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य उपकेंद्र तक पहुंचने में कठिनाई होती है। इसलिए उन्होंने अलग से मिनी आंगनबाड़ी केंद्र की मांग की। साथ ही यह भी कहा कि स्वास्थ्य सहिया गांव तक नहीं आती, जिससे बच्चों और महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती।
जिला परिषद अध्यक्ष मसीह गुड़िया ने ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और भरोसा दिलाया कि इन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाकर समाधान की दिशा में पहल की जाएगी।



