भागलपुर में गंगा उफान पर जलस्तर में तीव्र बढ़ोतरी कई सरकारी और निजी स्कूल बंद, सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर प्रवेश निषेध

भागलपुर और कहलगांव में गंगा नदी पूरे उफान पर है। इसकी सहायक नदियों में भी जलस्तर खतरे के स्तर से ऊपर बह रहा है। गंगा का जलस्तर लगातार तीव्र गति से बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल जलस्तर में और वृद्धि की संभावना है।

भागलपुर, सुल्तानगंज, कहलगांव, पीरपैंती और नवगछिया में बाढ़ की स्थिति विकट होती जा रही है। यदि आगामी 2-3 दिनों तक जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा, तो स्थिति और भयावह हो सकती है। कई गांवों में पानी घुस गया है, जिससे ग्रामीणों को सड़क किनारे शरण लेनी पड़ रही है।

गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से नवगछिया प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। कहलगांव और पीरपैंती के शहरी क्षेत्रों से सटे गांवों और निचले इलाकों में भी पानी घुस चुका है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुल्तानगंज में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

गंगा के जलस्तर में तीव्र वृद्धि जारी

केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार शाम तक भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.72 मीटर और कहलगांव में 32.33 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 1.24 मीटर ऊपर है।

गंगा के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी इलाकों में भी बाढ़ का पानी घुस चुका है। भागलपुर-पटना मुख्य सड़क मार्ग एनएच-80 पर अकबरनगर के भवनाथपुर के पास सड़क पर लगभग दो फीट पानी बह रहा है, जिससे यातायात प्रभावित हो गया है।

कहलगांव में पानी घुसा, स्कूल बंद

कहलगांव और उसके आसपास के इलाकों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। एनएच-80 पर पकडतल्ला स्थित सेंट जोसेफ स्कूल, शंकर कटारूका सरस्वती विद्या मंदिर, हिमालय एकेडमी और प्राथमिक विद्यालय आमापुर (अनुसूचित जाति टोला) में बाढ़ का पानी घुस जाने के कारण स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

शीतला माता मंदिर और रेलवे के पूर्वी क्षेत्र में पानी लगभग तीन फीट तक पहुंच चुका है। लोग बाढ़ के पानी के बीच खाने-पीने और रहने की व्यवस्था कर रहे हैं। दिनचर्या पूरी तरह से बाधित है।

भोलसर पंचायत के त्रिमुहान स्थित मुनी टोला, पकडतल्ला की नयी आमापुर, कुलकुलिया गांव में पानी चार फीट तक पहुंच चुका है। ओगरी, सरवदीपुर और महेशामुंडा गांवों की सड़कों पर भी दो फीट तक पानी बह रहा है। घोघा के प्रशस्तडीह पंचायत की स्थिति टापू जैसी हो गई है, जहां लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं।

पीरपैंती प्रखंड के कहलगांव टोला, खबासपुर, रानी दियारा, तौफिल और मोलटोला में भी हालात खराब हैं। दियारा क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया है।

नवगछिया और गोपालपुर में भी हालात गंभीर

नवगछिया अनुमंडल के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस चुका है। शुक्रवार सुबह सैदपुर दुर्गा मंदिर के पास कोसी नदी का पानी सड़क पर आर-पार बहने लगा, जिससे आवाजाही बाधित हो गई है। गोपालपुर प्रखंड मुख्यालय में भी बाढ़ का पानी घुस जाने से सरकारी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

इस्माइलपुर के जिला परिषद सदस्य बिपिन मंडल ने जल संसाधन विभाग से बालामोतार सहित अन्य संवेदनशील इलाकों में तटबंध और बचाव कार्य शीघ्र कराने की मांग की है।

नमामि गंगे घाट बंद, पुलिस बल तैनात

सुल्तानगंज स्थित नमामि गंगे घाट पूरी तरह बाढ़ के पानी में डूब चुका है। घाट के आसपास की दुकानों और बाजारों में भी पानी भर गया है। सड़क पर तीन से चार फीट तक पानी भरने से श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट को बंद कर दिया है। स्नान और प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अब श्रद्धालु केवल अजगैबीनाथ घाट पर स्नान कर सकते हैं, जहां पुलिस बल की तैनाती की गई है और गोताखोरों को अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी अनहोनी से बचाव के लिए घाट पर बैरिकेडिंग की गई है।

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। राहत और बचाव दल लगातार निगरानी कर रहे हैं। फिलहाल गंगा स्नान पर रोक जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *