भागलपुर के कई चेहरों ने भाजपा को किया शर्मसार, आज वही चेहरे टिकट की दौड़ में मचा रहे ” भौकाल “
भागलपुर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीति भागलपुर में एक बार फिर विवादित चेहरों के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इन चेहरों को लेकर लगातार खुलासे हो रहे हैं। जिन व्यक्तियों के कृत्य ने कभी पार्टी को सार्वजनिक रूप से शर्मिंदा किया था, वही अब आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी पेश कर रहे हैं। पोस्टर, बैनर, बड़े नेताओं के आगमन पर चिपक कर तस्वीर उतार खुद को बड़ा नेता व भावी प्रत्याशी घोषित करने की बात कर रहा है। ऐसे दागदार नेता भी बड़े नेताओं के संग उतारी तस्वीर को अपने सोशल मीडिया एक्स पर चस्पा कर टिकट के लिए खूब भौकाल मचा रहा है। भागलपुर में भाजपा की राजनीति इन दिनों ‘तस्वीर और तिकड़म’ के नए युग में प्रवेश कर चुकी है। वे चेहरे, जो कभी पार्टी के लिए गले की फांस बन गए थे, अब टिकट की दौड़ में खुद को सबसे तेज घोड़ा बताने में जुटे हैं। बड़े नेताओं के आने की भनक लगते ही ये स्वघोषित दावेदार फोटो खिंचवाने की पंक्ति में सबसे आगे खड़े हो जाते हैं। फिर क्या—एक हाथ में तस्वीर, दूसरे में फोटोशॉप, और सोशल मीडिया एक्स पर ताबड़तोड़ पोस्ट! पोस्टर, बैनर और स्टेटस में ‘भविष्य का विधायक’ लिखा देखकर जनता भी भ्रमित है कि नेता बनने की प्रक्रिया अब सिर्फ ‘सेल्फी और शेयरिंग’ रह गई है।
सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं से जुड़े वीडियो और ऑडियो पूर्व में पटना से लेकर दिल्ली तक चर्चा का विषय बन चुके हैं। कई मामलों की शिकायत थानों में भी दर्ज है। ये दागदार चेहरे भागलपुर सदर, कहलगांव और पीरपैंती विधानसभा क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व इस ‘शोर’ के बीच क्या निर्णय लेता है।
हाल ही में भागलपुर में दो ऑडियो क्लिप्स जमकर वायरल हुए हैं, जिनमें भाजपा के प्रभावशाली नेताओं की बातचीत सुनी जा सकती है। एक ऑडियो में एक नेता द्वारा कथित रूप से पैसे लेकर पद देने की बात कही गई है। नहीं मिलने पर उक्त नेता की फजीहत ऑडियो में सुनी गई. वादा पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित व्यक्ति ने तीखी भाषा में प्रतिक्रिया दी और बातचीत का ऑडियो सार्वजनिक कर दिया। ऑडियो में आरोपी नेता सफाई देते और गिड़गिड़ाते सुनाई दे रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि यही व्यक्ति भागलपुर सदर सीट से टिकट दिलवाने की कोशिश में सक्रिय है, और कथित रूप से ब्राह्मण एवं वैश्य समुदाय के कई लोगों को भी अपने साथ जोड़ चुका है।
एक अन्य नेता, जो वर्तमान में दूसरी बार एक अहम पद पर आसीन हैं, भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं। उनके समर्थक उन्हें हर दिन संभावित उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं। इस नेता के भी कई खेल भी वायरल हो चुके हैं. वहीं, एक बाबा के शिष्य नेता, जो कभी पीरपैंती कभी कहलगांव में अपनी दावेदारी जता चुके हैं, अब भागलपुर सदर सीट से खुद को उम्मीदवार घोषित कर चुके हैं। इस नेता से जुड़ा एक अश्लील वीडियो भी पूर्व में वायरल हुआ था, जिसकी शिकायत थाने तक पहुंच चुकी है। नेता का चोला पहने यह नेता पेशे से ठेकेदार हैं. अपने धंधे को पार्टनरशिप के जरिए आगे बढ़ाते हुए ये खूब माल बटोर चुके हैं. ऐसी चर्चा है कि पार्टनर के साथ बेईमानी भी इसने खूब किया है.
भाजपा की एक महिला नेत्री का मामला भी इसी कड़ी में सामने आता है। उनका एक विवादित वीडियो और ‘झोटा-झोटी’ प्रकरण पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। इस मामले में युवाओं को जेल भी जाना पड़ा था। लंबे समय तक राजनीतिक नेपथ्य में रहने के बाद अब वे कहलगांव सीट से टिकट पाने के लिए पोस्टर-बैनर के जरिए अपनी सक्रियता दिखा रही हैं। पूर्व में इसने राजनीति में सफलता भी पा चुकी है. उक्त समय कई बड़े नेता शाम के धुंधलके में इनके निकट पहुंचा करते थे. जो चर्चा में शुमार था. वायरल वीडियो के बाद इसकी राजनीति के गलियारे में इसकी चहलकदमी कुछ वर्षों के लिए थम चुकी थी. एक बार फिर इसकी महत्वाकांक्षा उफान पर है. कुल मिलाकर, भाजपा की स्थानीय राजनीति में ऐसे चेहरों की बढ़ती सक्रियता पार्टी की छवि के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है। अब देखना यह है कि शीर्ष नेतृत्व इन विवादों से कैसे निपटता है और टिकट वितरण में क्या रुख अपनाता है।



