करियर कॉउंसिल सह सिकल सेल कार्यशाला का केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने किया उद्घाटन,किया संबोधित
खूंटी: बिरसा कॉलेज बहुद्देशीय भवन में सोमवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों की किशोरियों के लिए एक दिवसीय करियर कॉउंसिल सह सिकल सेल कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा उपस्थित हुए।
इसमें हजारों की संख्या में किशोरियों की स्क्रीनिंग की गई। साथ ही प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों ने काउंसलिंग भी की। इस प्रयास से सिकल सेल के लक्षणों व प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किए जायेंगे।
मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खूंटी जिले के साथ – साथ पूरे देश में थैलेसिमिया- सिकल सेल एनीमिया को लेकर हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। इसे लेकर हर स्तर पर भी लोगों को जागरूक किया गया है। आज के इस कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से विशेषज्ञ जुड़े हैं। इसी प्रकार की पहल से वृहद स्तर पर स्क्रीनिंग कर प्रभावित लोगों को उचित उपचार मुहैया कराने की दिशा में कार्य किए जायेंगे।
आगे उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य हमारे भविष्य का अहम मानक है जिसके उत्तरोत्तर सुधार के लिए हमें अग्रसर रहना है। तेजस्विनी की किशोरियों को इस संबंध में जागरूक करने का प्रयास सराहनीय है। ये एक नया आयाम कायम कर रही है।
इसके साथ ही उन्होंने किशोरियों का उत्साहवर्धन करने के क्रम में कहा कि सभी को अपने स्तर पर जागरूक होने की भी आवश्यकता है। सभी हेल्पलाइन नंबर की जानकारी रखें। साथ ही अपने क्षेत्र के लोगों को भी जागरूक करने में अपनी भूमिका निभाएं। माननीय केंद्रीय मंत्री द्वारा अपने संबोधन में किशोरियों को संकल्प दिलाया कि सिकल सेल मुक्ति के इस राष्ट्रव्यापी अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।
वहीं उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि सिकल सेल एक बहुत ही गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। इसे लेकर जागरूकता बढाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसमें प्रत्येक ग्राम में जांच अभियान चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि हमारे क्षेत्र में रहने वाले लोगों को इन विकारों के लक्षणों और शीघ्र पहचान की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया जाए। हम अपने समुदाय के जिम्मेदार सदस्यों के रूप में आपसे अपने क्षेत्र में थैलेसीमिया सिकल सेल एनीमिया रोग के बारे में जागरूकता बढाने के लिए कदम उठाने का आग्रह करते हैं। इन विकारों के लक्षणों, प्रभावों
निदान और उपचार के संबंध में जानकारी का प्रसार करें। उन्होंने कहा कि जनजातीय मंत्रालय के उन्मुक्त कार्यक्रम के तहत पीरामेल संस्था के सहयोग से जिले के विभिन्न पंचायत में शिविर लगाकर सिकल सेल की जांच की जा रही है।कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अपने जीवन मे संघर्ष के साथ आईपीएस ऑफिसर बनने तक के अनुभव को छात्राओं को बताया। उन्होंने छात्राओं को कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों से अवगत कराया। साथ ही उनसे कुछ बिंदुओं पर चर्चा भी की। उन्होंने कहा कि अभ्यास से किसी भी समस्या का समाधान संभव हो सकता है और लक्ष्य की पूर्ति हो सकती है। पुलिस अधीक्षक ने “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” कविता का पाठ कर छात्र – छात्राओं का हौंसला बढ़ाया। साथ ही कहा कि हौसलों का पूरा आसमान खुला है जिससे आप अपनी नई पहचान बना सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उप विकास आयुक्त ने कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम के उद्देश्यों की पूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि किशोरियों को इस उचित समय पर अपनी करियर अवसरों की पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। आवश्यकता है तो उन्हें उनके भविष्य के अवसरों की पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने की।

