बिहार में PG डाक्टरों की पोस्टिंग 6 माह से नहीं कर पा रही सरकार : सुशील मोदी
पटना : बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और भाजपा से राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने उपमुख्यमंत्री सह स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सूबे के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी 51 प्रतिशत तक है, जबकि राज्य सरकार 500 से ज्यादा PG डाक्टरों की पोस्टिंग 6 महीने से नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है।
सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ कर स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव कभी वाल्मीकि नगर में टाइगर सफारी का आनंद ले रहे हैं, तो कभी बेतिया में नौका विहार कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि 750 से ज्यादा डॉक्टर वर्षों से छुट्टी पर हैं और वेतन भी पा रहे हैं। सरकार बताये कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हुई?
भाजपा सांसद ने कहा कि इस साल मई में पीजी की पढ़ाई पूरी करने वाले सुपर स्पेशिलिटी डॉक्टर 6 महीने से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। उन्हें एक महीने से केवल आश्वासन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीजी की पढ़ाई के दौरान इन्हें जो 82 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड मिलता था, वह बंद हो गया। सरकार के साथ बॉन्ड से बंधे होने के कारण ये तीन साल कहीं और सेवाएं दे भी नहीं सकते।
सुशील मोदी ने कहा कि फैसले करने में स्वास्थ्य मंत्री की अक्षमता का खामियाजा एक तरफ ये सुपर स्पेशियलिटी डॉक्टर भुगत रहे हैं, तो दूसरी ओर पीड़ित जनता इनकी सेवाओं का लाभ लेने से वंचित है। उन्होंने कहा कि बिहार के अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही। यहां तक कि पोस्टिंग का इंतजार कर रहे डॉक्टरों की पोस्टिंग भी नहीं की जा रही। इस कारण अस्पताल में डॉक्टरों की बड़ी कमी महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीजी डॉक्टरों की जल्द से जल्द पोस्टिंग करे और इनकी सेवा अवधि 1 जून 2022 से प्रभावी मानी जाए।

