दुधारू पशु मेला-सह-गव्य प्रदर्शनी का आयोजन, अनुदान पर गाय वितरण योजना से लाभान्वित हुए पशुपालक
खूंटी: जिले में पशुपालन एवं गव्य विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आज जिला गव्य विकास कार्यालय परिसर, खूंटी में दुधारू पशु मेला-सह-गव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर खूंटी विधायक श्री राम सूर्या मुण्डा, तोरपा विधायक श्री सुदीप गुड़िया एवं जिला परिषद अध्यक्ष श्री मसीह गुड़िया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

जिला गव्य विकास पदाधिकारी श्री गिरीश कुमार ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए मेले के उद्देश्यों एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी दी।
मेले में पशुपालकों को 90 प्रतिशत तक अनुदान पर गाय उपलब्ध कराने वाली योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके तहत 2, 5 एवं 10 गाय की इकाई के लिए लाभुकों को अपनी पसंद के अनुसार गाय का चयन कर अनुदान का लाभ लेने की सुविधा दी गई। कार्यक्रम के दौरान विधायकों एवं जिला परिषद अध्यक्ष द्वारा 28 लाभुकों को 30 से अधिक गाय का लाभ प्रदान किया गया। साथ ही विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर उपलब्ध योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली गई।
खूंटी विधायक श्री राम सूर्या मुण्डा ने अपने संबोधन में कहा कि लाभुक अनुदान पर गाय प्राप्त कर दुग्ध उत्पादन एवं बिक्री के माध्यम से अपनी आजीविका को सुदृढ़ करें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। राज्य सरकार लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है। उन्होंने पशुपालकों से योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
तोरपा विधायक श्री सुदीप गुड़िया ने पशुपालकों से गायों की उचित देखभाल एवं सेवा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पशुओं के उपचार एवं चिकित्सा संबंधी सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने पशुओं का बीमा कराने की भी सलाह दी। कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
जिला परिषद अध्यक्ष श्री मसीह गुड़िया ने मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना सहित सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि योजनाओं से जुड़कर पशुपालक अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं तथा आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं।
जिला पशुपालन पदाधिकारी श्री अभिमन्यु प्रसाद ने पशुपालकों को गायों के उचित रखरखाव, खान-पान एवं स्वच्छता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने पशुओं के बीमार होने पर समय पर उपचार कराने तथा उनके स्वास्थ्य के प्रति विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
मेले में विभिन्न विभागीय एवं संबंधित स्टॉलों के माध्यम से अनुदान पर लाभ प्राप्त करने हेतु मिल्किंग मशीन, वर्मी कम्पोस्ट यूनिट, पनीर एवं खोआ यूनिट, काऊ मैट सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त पशु आहार, पशुओं की दवाइयों एवं मत्स्य पालन से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई गई। स्टॉल के माध्यम से पशुपालकों एवं किसानों को स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों और विभागीय योजनाओं से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से जिले के पशुपालकों एवं किसानों को पशुपालन एवं गव्य विकास की गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ाने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।


