बिहार में महाजलप्रलय को लेकर प्रशासन अलर्ट
अनूप कुमार सिंह,पटना।बिहार में महाजलप्रलय को लेकर सरकार नेअलर्ट जारी किया है।राजधानी पटना समेत जिले में विभिन्न नदियों के जलस्तर में वृद्धि के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा निचले व दियारा क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षित निकासी शुरू कर दी है।जहां बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार सभी जरूरी संसाधनों व मानव बल की तैनाती की गई है। गौरलतब हो कि पटना जिला
प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए जिले में कुल 18 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन राहत शिविरों में सामुदायिक रसोई केंद्र के माध्यम से भोजन, पेयजल तथा चिकित्सा सुविधा एवं अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।वहीं
बाढ़ अंचल में मध्य विद्यालय कचहरी, बाढ़; दानापुर में बलदेवा हाई स्कूल, दानापुर; पाटलिपुत्र अंचल में मीनार घाट एवं बिंद टोली; अथमलगोला में उच्च विद्यालय सबनिमा; बख्तियारपुर में मध्य विद्यालय घोसबरी एवं सिंचाई भवन, बख्तियारपुर,मोकामा अंचल में प्रखंड परिसर शिवनार, पंचायत राज कार्यालय नया कसहा, बिसहरी स्थान शिवनगर, भोला स्थान पुरानी कसहा, किसान भवन डुमरा जंजीरा, सामुदायिक भवन सीता रामपुर एवं विजयगढ़, मनेर में मध्य विद्यालय महीनामा एवं रामनगीना कॉलेज, मनेर तथा संपतचक क्षेत्र में कूरा बंगलापर सम्पतचक में सामुदायिक रसोई केंद्र के माध्यम से बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सुरक्षित आवागमन व निकासी के लिए 147 नावें निःशुल्क परिचालित
निचले व जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों की सुरक्षित निकासी तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा कुल 147 नावें निःशुल्क परिचालित की जा रही हैं।
इनमें अथमलगोला में 7, बख्तियारपुर में 18, बाढ़ में 8, दानापुर में 25, मनेर में 22, पाटलिपुत्र में 19, पुनपुन में 1, फतुहा में 23, दीदारगंज में 18 तथा मोकामा में 6 नावें शामिल हैं। एस डी आर एफ के 14 बोट भी लोगों की मदद में लगी है.
पशुओं के लिए 12 पशु शिविर, चारा एवं दवाओं की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए भी जिला प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। फुलवारी शरीफ मनेर, बख्तियारपुर, पाटलिपुत्र, बाढ़, दानापुर एवं फतुहा सहित प्रभावित क्षेत्रों में कुल 12 पशु शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में पशु चारा, दवाइयां एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
18 मेडिकल कैंप एवं 28 एम्बुलेंस तैनात
राहत शिविरों में रह रहे लोगों को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राहत शिविरों के आसपास 18 मेडिकल कैंप एवं 28 एम्बुलेंस तैनात किए गए हैं। गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, बच्चों एवं बीमार व्यक्तियों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक स्वास्थ्य एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
स्वच्छ पेयजल एवं साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पीएचईडी के पानी के टैंकर पर्याप्त मात्रा में राहत शिविरों में लगाए गए हैं। साथ ही, नगर निगम द्वारा सामुदायिक केंद्रों एवं राहत शिविरों में पर्याप्त संख्या में शौचालय, साफ-सफाई एवं स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
तटबंधों की लगातार निगरानी, ओवरफ्लो एवं सीपेज वाले स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य
जलस्तर में वृद्धि के कारण जहां-जहां तटबंधों पर पानी के ओवरफ्लो की स्थिति उत्पन्न हुई है, वहां तटबंधों को इसी बैग एवं अन्य फ्लड फाइटिंग मेटेरियल आदि के माध्यम से सुदृढ़ एवं सुरक्षित किया जा रहा है। जिन स्थानों पर सीपेज की समस्या सामने आ रही है, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए सीपेज को नियंत्रित कर तटबंधों को सुरक्षित बनाया जा रहा है। पटना शहर के अंदर बाढ़ का पानी प्रवेश नहीं करें इसके लिए भी सभी आवश्यक कदम उठाये जा रहे
24 घंटे कार्यरत है जिला आपदा नियंत्रण एवं आपातकालीन संचालन केंद्र
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन का आपदा नियंत्रण एवं आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे लगातार कार्यरत है। किसी भी आपात स्थिति, सहायता अथवा आवश्यक सूचना के लिए नागरिक 0612-2210118, 2219234 मोबाइल नंबर 8235449748 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आवश्यक सहायता एवं कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित की जा रही है।
जिला प्रशासन, पटना द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं, सतर्क एवं सजग रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा, सहायता एवं राहत के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।



