फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के पांचवें दिन जेनरेटिव एआई का प्रशिक्षण
रांची : संतोष कॉलेज ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग एंड एजुकेशन के आईक्यूएसी सेल द्वारा आयोजित छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के पांचवें दिन “टीचिंग, लर्निंग एंड असेसमेंट में जेनरेटिव एआई” विषय पर फैकल्टी मेंबर्स को व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया तथा विशेषज्ञ सत्र का आयोजन किया गया।
विषय प्रवेश एवं स्वागत अभिभाषण महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शुभ्रा ठाकुर ने दिया। इस अवसर पर सेंट जेवियर्स स्कूल, रांची से एआई एक्सपर्ट डॉ. संतोष कुमार रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित रहे। अपने विशेषज्ञ सत्र में उन्होंने जेनरेटिव एआई की अवधारणा, कार्यप्रणाली एवं शिक्षा में इसके अनुप्रयोग पर विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि जेनरेटिव एआई ऐसी कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक है, जो उपलब्ध डेटा से सीखकर नया टेक्स्ट, चित्र, प्रस्तुति, प्रश्न, शिक्षण-सामग्री एवं अन्य डिजिटल कंटेंट तैयार कर सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में इसका उपयोग शिक्षक के कार्य को प्रतिस्थापित करने के बजाय शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रचनात्मक और व्यक्तिगत बनाने के लिए किया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान एआई असिस्टेड लर्निंग एक्टिविटी एवं डिजिटल रिसोर्स डिजाइन, पाठ योजना एवं शिक्षण-सामग्री तैयार करना, असेसमेंट एवं प्रश्न निर्माण, फीडबैक तथा पर्सनलाइज्ड लर्निंग, एआई टूल्स का हैंड्स-ऑन डेमोंस्ट्रेशन एवं प्रैक्टिकल क्लासरूम स्ट्रेटेजी पर गतिविधि आधारित प्रशिक्षण दिया गया।
विशेषज्ञ ने प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई से बेहतर एवं सटीक आउटपुट प्राप्त करने की तकनीक, तथ्य-जांच, एआई जेनेरेटेड कंटेंट की गुणवत्ता का मूल्यांकन तथा शिक्षक की भूमिका पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। साथ ही डेटा प्राइवेसी, कॉपीराइट, अकादमिक ईमानदारी, पक्षपात, पारदर्शिता और जिम्मेदार एआई उपयोग से जुड़े नैतिक पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
दूसरे विशेषज्ञ सत्र में सेंटर फॉर बायोइनफॉर्मेटिक्स, पॉलिटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल कुमार विशाल ने महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं और तकनीकी एवं डिजिटल संसाधनों के शैक्षणिक उपयोग के विभिन्न पहलुओं पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों के फैकल्टी मेंबर्स एवं प्रशिक्षु शिक्षक उपस्थित रहे।


