ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मॉक संसद में महाभियोग प्रस्ताव, विपक्ष ने लगाए छह गंभीर आरोप,झामुमो सांसद बैद्यनाथ राम ने दमदार तरीके से रखी आपनी बात

गणादेश,रांची : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित मॉक पार्लियामेंट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया। विपक्षी गठबंधन इंडिया ने इसे ‘जन महाभियोग’ नाम दिया है। प्रस्ताव में मुख्य चुनाव आयुक्त पर छह गंभीर आरोप लगाए गए। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 2024 का लोकसभा चुनाव अवैध तरीके से कराया गया और इसके जरिए भाजपा के सांसद सदन में पहुंचे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि देश में 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। यानी हर सात में से एक मतदाता का नाम सूची से काटा गया, जो कुल मतदाताओं का करीब 15 प्रतिशत है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और मताधिकार पर गंभीर हमला बताया।
मॉक पार्लियामेंट में इंडिया गठबंधन के सांसदों के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता, कॉलेज के छात्र-छात्राएं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। झारखंड से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, झामुमो के सांसदों तथा कांग्रेस कोटे के मंत्री और विधायकों ने भी इसमें भाग लिया।
इस दौरान झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाया गया है। सभी सांसदों ने इसका समर्थन करते हुए ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर का विरोध किया है।
बैद्यनाथ राम ने आरोप लगाया कि एसआईआर में मनमाने तरीके से काम किया जा रहा है। इसकी शुरुआत दिसंबर 2023 में केंद्र सरकार की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी संरक्षण प्रदान करने के साथ हुई। उन्होंने कहा कि देशभर में योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, जिसका सीधा असर लोकतंत्र पर पड़ रहा है। चुनाव को लोकतंत्र का महापर्व माना जाता है, लेकिन इसकी शुद्धता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने स्थानीय पदाधिकारियों के अधिकारों को सीमित कर व्यवस्था का केंद्रीकरण किया है। इंटरनेट के माध्यम से स्थानीय अधिकारियों के अधिकारों को कमजोर कर निर्णय लेने की प्रक्रिया अपने हाथों में ले ली गई है। उन्होंने दावा किया कि इसका उद्देश्य केंद्र और राज्यों में भाजपा की सरकार बनाए रखने के अनुकूल चुनावी व्यवस्था तैयार करना है।
बैद्यनाथ राम ने एसआईआर में फॉर्म-6 में किए गए संशोधन को भी गैर-संवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इसका विरोध किया है। झामुमो ने प्रखंड स्तर पर बैठकें कर कार्यकर्ताओं और आम लोगों को एसआईआर के प्रावधानों एवं इसके प्रभावों की जानकारी दी है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के साथ जेल भेजने की मांग भी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सांसदों को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जाता। बोलने की कोशिश करने पर माइक बंद कर दिया जाता है। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार को निरंकुश बताते हुए कहा कि उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।
बैद्यनाथ राम ने बताया कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली में लाखों लोग शामिल होंगे। झारखंड से भी हजारों कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि रैली में शामिल होने जा रहे लोगों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस की ओर से तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं और वाहनों को रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह रैली देश की दशा और दिशा तय करेगी।

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