जेएसएससी-सीजीएल फर्जीवाड़ा: गिरफ्तार चार अभ्यर्थियों को कोर्ट में किया पेश,भेजा गया न्यायिक हिरासत में
रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की सीजीएल परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े के मामले में सीआईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए चार सफल अभ्यर्थियों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत में पेशी के बाद चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक कुमार राव, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह और उमेश कुमार शामिल हैं।
सीआईडी के अनुसार, चारों अभ्यर्थियों पर जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में अनियमित तरीके से सफलता हासिल करने का आरोप है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर सीआईडी ने चारों को गिरफ्तार किया था। अब उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बताया जा रहा है कि जांच के दौरान इन अभ्यर्थियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। आरोप है कि पैसे के लेन-देन के माध्यम से परीक्षा में सफलता हासिल की गई और नौकरी प्राप्त की गई। हालांकि, मामले में आरोपों की पूरी तस्वीर सीआईडी की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, सीआईडी की कार्रवाई भी तेज होती जा रही है। जांच एजेंसी इस मामले में अभ्यर्थियों के साथ-साथ फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। सीआईडी का कहना है कि परीक्षा में अनियमितता और फर्जी तरीके से सफलता दिलाने में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
चार अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। सीआईडी अब कथित पैसे के लेन-देन, परीक्षा में सफलता दिलाने वाले नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों के संबंध में साक्ष्य जुटाने में लगी है।


