खूंटी में वृद्धाश्रम व बाल देखरेख संस्थानों का निरीक्षण

खूंटी: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के दिशा-निर्देश पर रविवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, खूंटी रसिकेश कुमार ने जिले के वृद्धाश्रम एवं बाल देखरेख संस्थानों का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण कार्यक्रम सुबह नौ बजे से शुरू हुआ। इस दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी निशा कुजूर, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी मो. अल्ताफ और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव-सह-अवर न्यायाधीश (व.खं.) कमलेश बेहरा समेत संबंधित संस्थानों के प्रभारी, कर्मचारी और पारा विधिक स्वयंसेवक मौजूद रहे।
27 वरिष्ठ नागरिकों से मिले न्यायिक अधिकारी
सबसे पहले पिपरटोली स्थित वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया गया। यहां वर्तमान में 27 वरिष्ठ नागरिक रह रहे हैं, जिनमें 19 महिलाएं और आठ पुरुष हैं। अधिकारियों ने पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं से उन्हें जोड़ने की प्रक्रिया की जानकारी ली। आधार कार्ड में सुधार और नए आधार कार्ड के लिए इसी सप्ताह परिसर में आधार शिविर लगाने की जानकारी भी दी गई।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने वरिष्ठ नागरिकों के बीच वस्त्र वितरित किए। साथ ही नालसा की ‘जागृति’ योजना-2025 के तहत उनके अधिकारों, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007 तथा निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई।
विशेष जरूरत वाले आठ बच्चों का लिया हाल
इसके बाद सहयोग विलेज, हुतार स्थित बाल देखरेख संस्थान का निरीक्षण किया गया। यहां आठ विशेष आवश्यकता वाले बच्चे रह रहे हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से एएलआईएमसीओ के माध्यम से बच्चों को आवश्यक विशेष उपकरण उपलब्ध कराए जा चुके हैं। निरीक्षण के दौरान बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली गई। बच्चों ने संस्थान में किसी तरह की परेशानी नहीं होने की बात कही।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी को बच्चों के रहन-सहन और मनोरंजन संबंधी जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।
आशाकिरण में 13 बालिकाएं आवासित
रांची रोड स्थित आशाकिरण का भी निरीक्षण किया गया। यहां 13 बालिकाएं रह रही हैं। संस्थान में उनकी देखभाल और शिक्षा की उचित व्यवस्था पाई गई। कुछ बालिकाओं को उनके परिवारों से मिलाने की प्रक्रिया चल रही है। परिवार के सदस्यों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर विधिवत पुनर्स्थापन की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान तीनों संस्थानों में स्वच्छता, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, प्रकाश, वेंटिलेशन, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए गए। आवासित लोगों की शिकायतों के लिए शिकायत पेटी उपलब्ध कराने और संस्थानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को भी कहा गया।

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