एसआईआर को लेकर उपायुक्त ने की राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक
खूंटी: उपायुक्त मो. जावेद हुसैन की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में राजनीतिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत नोटिस एवं सुनवाई की प्रक्रिया, दावा-आपत्ति के निस्तारण तथा मतदाता सूची को शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाने को लेकर आवश्यक जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि नोटिस एवं दावा-आपत्तियों के निष्पादन के चरण में बीएलओ द्वारा नो-मैपिंग, तार्किक विसंगति तथा अन्य संबंधित सूचियों में शामिल मतदाताओं को नोटिस उपलब्ध कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के बाद संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। दावा-आपत्ति की अवधि 5 अगस्त से 15 सितंबर 2026 तक निर्धारित है तथा प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 14 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। साथ ही पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने, प्रविष्टियों में आवश्यक सुधार तथा फॉर्म-8 के माध्यम से नाम स्थानांतरण की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।
बैठक में राजनीतिक प्रतिनिधियों को यह भी बताया गया कि SIR के अंतर्गत आवश्यक दस्तावेजों की सांकेतिक सूची में केंद्र/राज्य सरकार अथवा PSU के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र/PPO, 01 जुलाई 1987 से पूर्व सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, LIC अथवा PSU द्वारा जारी पहचान पत्र, प्रमाण-पत्र या दस्तावेज, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय का मैट्रिकुलेशन अथवा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, स्थायी निवास प्रमाण-पत्र, वन अधिकार प्रमाण-पत्र, OBC/SC/ST अथवा अन्य जाति प्रमाण-पत्र, जहां लागू हो वहां NRC, राज्य अथवा स्थानीय प्राधिकरण द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण-पत्र शामिल हैं।
बैठक में एक परिवार अथवा एक ही घर के मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों से भी अवगत कराया गया। राजनीतिक प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे पात्र नागरिकों को सही जानकारी उपलब्ध कराने एवं आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत कराने में सहयोग करें।
उपायुक्त ने कहा कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है। किसी भी पात्र भारतीय नागरिक को घबराने की आवश्यकता नहीं है। निर्वाचन से जुड़े पदाधिकारी एवं कर्मी आवश्यक सहयोग के लिए तत्पर हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित किसी भी जानकारी अथवा सहायता के लिए निर्वाचन आयोग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है। राजनीतिक प्रतिनिधियों में प्रियंक भगत,सुशील कुमार सहित कई जनप्रतिनिधियों ने एसआईआर पर विस्तृत जानकारी को जरूरी बताया।


