MMDR संशोधन के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, 27 अगस्त से जिलों में धरना-प्रदर्शन
खूंटी : खान एवं खनिज अधिनियम में संशोधन के खिलाफ झारखंड में इंडिया गठबंधन ने केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोकसभा और राज्यसभा से MMDR संशोधन विधेयक पारित होने के बाद कांग्रेस ने इसे झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्यों के हितों के खिलाफ बताया है।
खूंटी के सांसद कालीचरण मुंडा ने मंगलवार को अपने आवासीय कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संशोधन के कारण राज्यों के खनिज अधिकार और खनिजयुक्त भूमि पर सेस लगाने के अधिकार प्रभावित होंगे। पुराने बकाये को भी अमान्य किए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे झारखंड को करीब 14 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है। यह राशि राज्य के 1.58 लाख करोड़ रुपये के बजट का करीब साढ़े सात प्रतिशत है।
कालीचरण मुंडा ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2024 में राज्यों के अधिकारों के पक्ष में फैसला दिया था, तो केंद्र को इस तरह का संशोधन करने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “जमीन हमारी, खनिज हमारा, बोझ हम उठाएं और फैसला दिल्ली करे, यह कैसा संघीय ढांचा है।”
उन्होंने बताया कि विधेयक के विरोध में कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन करेगी। 27 अगस्त से राज्य के सभी जिलों में धरना-प्रदर्शन, 7 सितंबर को लोकभवन के समक्ष प्रदर्शन और 9 से 16 सितंबर तक प्रखंड स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक करने की चेतावनी दी गई है।
सांसद ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों को राज्य के हितों के खिलाफ बाहर ले जाने का विरोध किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर खनिजों के परिवहन को रोकने जैसे कड़े कदमों पर भी विचार किया जा सकता है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा ने कहा कि झारखंड की खान-खनिज संपदा पर यदि राज्य के लोगों का अधिकार नहीं रहेगा, तो अलग राज्य के गठन का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा की रक्षा के लिए कांग्रेस व्यापक आंदोलन करेगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव मो. नईमुद्दीन खान, विल्सन बोदरा, विल्सन टोपनो समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद थे।


