गवर्नर सीपी राधाकृष्णन के दौरे से आखिर क्यों परेशान है झामुमो और कांग्रेस…

रांची: भारतीय राजनीतिक में अजीव विडंबना है। यदि कोई अधिक काम करता है,क्षेत्र भ्रमण करने लगता है तो उसपर सवाल भी उठने लगते हैं। झारखंड में कुछ इसी तरह का मामला इन दिनों देखने को मिल रहा है। दरअसल,राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन इन दिनों प्रदेश के अलग अलग जिले का दौरा कर रहे हैं। संबंधित जिले में विकास कार्यों का जायजा भी ले रहे हैं।
इस क्रम में वे स्थानीय लोगों से जनसंवाद भी कर रहे हैं। महामहिम कभी स्कूलों में बच्चों के साथ संवाद करते हैं तो कभी गरीब आदिवासी भाइयों से उनका हाल चाल पूछते हैं। हालांकि राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन हिंदी भाषी नहीं है। लेकिन एक सोच के साथ लोगों के साथ उनका कनेक्शन जरूर बन रहा है।
राज्यपाल ने अपना दौरा संथाल से प्रारंभ किया और यह पूरे प्रदेश में होने वाला है। इस बीच महामहिम के प्रदेश स्तरीय दौरे से सत्तापक्ष में खलबली मची हुई है। एक तरह से यूं कहे तो सियासी भूचाल सा आ गया है। झामुमो राज्यपाल के दौरे से असहज महसूस कर रही है। विधानसभा स्पीकर रविंद्रनाथ महतो ने खुद राज्यपाल के दौरे पर सवाल खड़ा कर दिया है। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राज्यपाल एक भाजपा नेता के रूप में काम कर रहे हैं। केंद्र सरकार की योजनाओं का बखान कर रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार के नौ साल की उपलब्धियों को गिना रहे हैं। इस बीच प्रदेश प्रदेश भाजपा ने राज्यपाल की संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप झामुमो पर लगा दिया। साथ ही ऐसे तरीके को अपराध बताया है। सिर्फ इतना ही नहीं भाजपा ने झामुमो और कांग्रेस को खुले तौर पर चुनौती देते हुए कहा है कि यदि दम है तो राज्यपाल के दौरे को रोक कर दिखाए।
वहीं राजनीतिक जानकारों की मानें तो राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन के दौरे से झामुमो और कांग्रेस को 24 का डर सताने लगा है। उन्हें लगता है कि राज्यपाल के जनसंपर्क अभियान से भाजपा को 24में लाभ मिल जाएगा। इसलिए किसी भी तरह से इस दौरे पर ब्रेक लगाया जाय।

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