अच्छी बारिश को लेकर ग्रामीणों ने की प्राचीन पूरनिया पहाड़ी बाबा की विशेष पूजा

चतरा: अच्छी बारिश और बेहतर फसल की कामना को लेकर पूरनिया पहाड़ी में विशेष पूजा अर्चना की गई। पत्थलगडा और गिद्धौर प्रखंड के सीमाने में स्थित पुरनिया पहाड़ी में विराजमान पुरनिया बाबा की सावन माह में पूजा अर्चना सदियों से चली आ रही है। बुधवार को अनगडा,बनवारा, पत्थलगडा, सिंघानी और बंदरचुंआ गांव के काफी संख्या में लोग पहाड़ी की चोटी में विराजमान पुरनिया बाबा की विशेष पूजा अर्चना जनजातीय परंपरा के अनुरूप एक विशेष शीला में सिंदूर का टीका लगाया गया और अक्षत चढ़ाया गया। उसके बाद शीला को दूध से स्नान किया गया। बंदरचुंआ गांव के पाहन शंकरगंझू, सोहर सिंह, और निर्मल गंझू, पत्थलगड़ा के कैसे भुईंया, खुदन राम व अन्य बाबा की विशेष पूजा अर्चना की। सावन सप्तमी को बाबा को दूध चढ़ाने के परंपरा सदियों से चली आ रही है। बुधवार को काफी संख्या में आसपास के गांवों के ग्रामीण ढोल व बाजे के साथ पहाड़ी की चोटी पर पहुंचे थे यहां जनजातीय परंपरा के अनुरूप बाबा का आह्वान किया गया और भगत व पाहन के द्वारा विशेष पूजा अर्चना की गई। अक्षत की गणना करने के बाद बारिश का अनुमान लगाया गया। पाहन ने बताया कि अगले नक्षत्र में अच्छी बारिश होगी। गांव-घर की रक्षा और अच्छी फसल की कामना को लेकर प्रतिवर्ष पूरनिया बाबा की विशेष पूजा अर्चना सावन माह में की जाती है। सावन सप्तमी को यहां निवास करने वाले नाग देवता को दूध से स्नान कराया जाता है कई दशक तक नाग देवता यहां साक्षात लोगों को दर्शन देते थे। पाहन तिलक लगाकर दूध से स्नान कराता था इधर कुछ वर्षों से नाग देवता अंतर्ध्यान हो गए हैं। सोनू राणा ने बताया कि आज भी आसपास के गांव के लोगों का पूरनिया बाबा के प्रति अटूट श्रद्धा है और किसी भी अनहोनी से गांव घर की रक्षा करने के लिए वे पूर्णिया बाबा के पास फरियाद लगते हैं।

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